फर्रुखाबाद। शहर के क्रिश्चियन मैदान में मंगलवार शाम रावण के पुतला दहन कार्यक्रम में पहुंचे सांसद के निजी सचिव (पीएस) अनूप मिश्रा के साथ कोतवाल देवेंद्र दुबे ने अभद्रता की। यही नहीं उनके साथ धक्का-मुक्की तक कर दी। अंदर न जाने देने पर वह आयोजन बिना देखे ही वापस चले गए। सरकारी पीएस के साथ कोतवाल के दुर्व्यवहार की राजनीतिक हल्के में खासी चर्चा रही।
रामलीला मंडल की ओर से मंगलवार को क्रिश्चियन मैदान में रामलीला मंचन और रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण का पुतला दहन कार्यक्रम था। वहां रामलीला मंडल के पदाधिकारियों व अन्य वीआईपी के बैठने के लिए पंडाल लगाया गया था। उसके गेट पर शहर कोतवाल देवेंद्र दुबे की ड्यूटी लगी थी। वहां गेट पर सांसद मुकेश राजपूत के निजी सचिव(पीएस) अनूप मिश्रा भी पहुंचे। तो तैनात कोतवाल देवेंद्र दुबे ने उनसे कमेटी की ओर से जारी किया गया पास मांगा। अनूप मिश्र ने पास न होने की बात कही। कोतवाल ने वापस जाने को कह दिया। उन्होंने अपने को सांसद का निजी सचिव होने की जानकारी कोतवाल को दी।
अनूप मिश्रा का आरोप है कि कोतवाल ने उनसे कह दिया कि वह किसी सांसद को नहीं जानते। उन्होंने कोतवाल को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करने को कहा, तो वह अभद्रता पर उतर आए। आरोप है कि कोतवाल ने उनके साथ धक्का-मुक्की कर दी। इस पर वह रामलीला मंचन बिना देखे ही चले गए। पीएस ने बताया कि वह रात में ही दिल्ली चले आए हैं। सांसद मुकेश राजपूत को जानकारी दे दी है।
‘जो पीएस होते हैं, वह भी केंद्र सरकार के नौकर होते हैं। जितनी कोतवाल को सैलरी मिलती है उतनी पीएस को भी मिलती है। यदि कोतवाल ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है, तो वह इसकी अफसरों को जानकारी देंगे।’
-मुकेश राजपूत, सांसद।
‘मैं नहीं जानता सांसद के पीएस को। भीड़ में जिसके पास कमेटी की ओर से जारी पास था, वही अंदर जा रहा था। मेरा तो कोई किसी से विवाद अथवा धक्का मुक्की नहीं हुई।’
-देवेंद्र दुबे, शहर कोतवाल।