पूर्ति निरीक्षक कार्यालय के बाहर ई पॉस मशीन जमा करने को खड़े कोटेदार।
- फोटो : पूर्ति निरीक्षक कार्यालय के बाहर ई पॉस मशीन जमा करने को खड़े कोटेदार।
अमृतपुर। एसडीएम के खिलाफ शनिवार को कोटेदार एकजुट हो गए। उन्होंने तहसील जाकर डीएम को संबोधित ज्ञापन पूर्ति निरीक्षक को सौंपा। कोटेदारों ने एसडीएम पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर अपमानित करने का आरोप लगाया। 28 ई-पॉस मशीनें भी जमा कर दीं।
तहसील में 17 जनवरी को एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने कोटेदारों की बैठक कर ई-केवाईसी तेजी से करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही धीमी प्रगति वाले कुछ कोटेदारों की फटकार भी लगा दी। इससे कोटेदारों में एसडीएम के प्रति नाराजगी है। शनिवार को कोटेदार संघ के अध्यक्ष अनिल तिवारी के नेतृत्व में कोटेदार तहसील पहुंचे। उन्होंने डीएम को संबोधित ज्ञापन पूर्ति निरीक्षक को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोटेदार राशन वितरण करते हैं। जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार कर लोगों तक पहुंचाते हैं। 17 जनवरी को बैठक बुलाकर एसडीएम ने अभद्र भाषा का प्रयोग कर कोटेदारों को अपमानित किया। इससे कोटेदार मानसिक रूप से परेशान हैं। पूर्ति निरीक्षक तीन हजार रुपये प्रति माह कोटेदारों से अवैध वसूली की मांग की जाती है। राशन दुकानों तक पहुंचाया जाता है, उसमें भी ठेकेदार से मिलकर खाद्यान्न कम उपलब्ध कराया जाता है। इससे परेशान कोटेदार त्याग पत्र दे रहें हैं।
पूर्ति निरीक्षक व एसडीएम से परेशान 28 कोटेदारों ने पूर्ति कार्यालय में ई-पास मशीन भी जमा कर दी है। इस दौरान खुशीराम, विनोद कुमार सिंह, प्रेमचंद्र, सुखेन्द्र, जगदीश सिंह, राजेश कुमार, रवेंद्र सिंह आदि रहे।
एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अभद्र भाषा व अपमानित करने का कोटेदारों का आरोप गलत है। ई-केवाईसी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे।