फर्रुखाबाद। जनपद में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। तीन माह बीतने के बावजूद अबतक एल-2 अस्पताल तैयार नहीं हो सका। नवाबगंज सीएचसी को एल-1 अस्पताल बनाने की तैयारी अधर में छोड़ दी गई। कोरोना से जंग सरकारी अस्पतालों के भरोसे ही चल रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर नजर डालें तो जिले में 9 मई को पहला संक्रमित मरीज मिला था। तब तक एल-1 अस्पताल तैयार नहीं हो सका। जिससे 20 दिन तक संक्रमित मरीजों को गैर जनपद भेजना पड़ा। फिर बरौन सीएचसी को 30 बेड का एल-1 अस्पताल बनाया गया। 29 मई को मरीज भर्ती होना शुरू हुए। करीब एक माह बाद डॉ. अनार सिंह मेडिकल कालेज को एल-1 अटैच अस्पताल बनाकर संक्रमित मरीज बरौन सीएचसी से शिफ्ट कर दिए गए। मरीज बढ़े तो नवाबगंज सीएचसी को 100 बेड का एल-1 अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू हुई। इसके लिए बेड, गद्दे, चादर आदि करीब 12 लाख रुपये का सामान खरीदा गया। अस्पताल तैयार होने से पहले जिम्मेदारों का प्लान बदल गया और तैयारियां अधर में लटक गई। फतेहगढ़ सीएचसी को 75 बेड का एल-2 अस्पताल बनाने की तैयारी चल रही है। शासन से करोड़ों रुपये मिलने के बावजूद अभी तक वेंटीलेटर की खरीद नहीं की गई। जिले में एल-2 अस्पताल की सुविधा न होने से उन्हें सैफई मेडिकल कालेज रेफर किया जा रहा है।
कोट
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सीएमओ डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि कमालगंज के बाबू सिंह आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज को 100 बेड के एल-1 अस्पताल के लिए चयन कर लिया गया। इससे नवाबगंज सीएचसी को एल-1 अस्पताल नहीं बनाया गया। उसके लिए खरीदा गया सामान एल-2 अस्पताल में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 20 से 25 दिन में फतेहगढ़ स्थित शहीद कौशलेंद्र सिंह राठौर चिकित्सालय में एल-2 अस्पताल की तैयारियां पूरी कर चालू कर दिया जाएगा।