फर्रुखाबाद। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के नेताओं व सदस्यों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री संबोधित सात सूत्री ज्ञापन डीएम को दिया।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी व सदस्यों ने दिए डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि काले धन वाले धन्नासेठों को किसानों की भूमि पट्टे पर देने का जो अध्यादेश जारी किया गया है वह किसान विरोधी है। इसमें आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा को समाप्त किया गया है, ताकि किसानों की फसलें काले धन वाले खरीद लें और महंगे दामों में बेच सकें। इसे वापस लिया जाए। फसलों का न्यूनतम मूल्य खत्म करने के प्रस्ताव को सरकार वापस ले। जिले में गंगा व रामगंगा में अधिक बाढ़ आने से हजारों एकड़ भूमि की फसलें नष्ट हो गईं हैं। तमाम भूमि बाढ़ में समा गई है। जांच कराकर किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। बिजली की अघोषित कटौती बंद कर शासन की मंशा के अनुसार ग्रामीण इलाकों को बिजली दिलाई जाए। सरकारी मंडियों का संचालन सुचारु रूप से कराया जाए। इस दौरान राम बहादुर राजपूत, रामवीर चौहान, नन्हेंलाल राजपूत, शिव प्रताप चौहान, चंद्रपाल, रामबाबू, वृजेश, नानिकराम, राजीव कुमार, राममोहन दीक्षित, नवीन चंद्र गंगवार, श्रीकृष्ण समेत अन्य मौजूद रहे।