क्षेत्र स्थित महर्षि गुरुकुल संस्कृत विद्यालय के चार बच्चे गुरुवार शाम शौच के बहाने भाग निकले। बच्चों के गायब होने से गुरुकुल का खतरे का घंटा बजा। रातभर खोजबीन के बाद पता चला कि बच्चे कानपुर पहुंच गए हैं।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव उलियापुर, परमनगर, कलुआ और अकबरपुर गांवों के बीच महर्षि गुरुकुल नाम से संस्कृत विद्यालय है। यहां 16 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें कंपिल निवासी हरप्रसाद का पुत्र वृजेश (10) हमीरपुर के निवासी संतोष कुमार का पुत्र रोहित कुमार, रामबाबू का पुत्र विमल कुमार और जयसिंह का पुत्र सतेन्द्र कुमार गुरुवार शाम शौच के लिए निकले।
ये सभी बच्चे उत्तमा एवं मध्यमा के छात्र है। स्कूल से निकलने के बाद वे काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो गुरुकुल में खलबली मच गई। खोजबीन शुरू हुई। देर रात तक बच्चों के नहीं मिलने पर विद्यालय के संरक्षक सुरेंद्र मुनि ने रात को खतरे का घंटा बजवाया।
खतरे का घंटा बजते ही आसपास के गांवों के लोग गुरुकुल पहुंचे। विद्यालय के संरक्षक सुरेंद्र मुनि ने ग्रामीणों को चार बच्चों के लापता होने की जानकारी दी। ग्रामीणों ने आचार्य देवेश कुमार और मोहित कुमार के साथ चारों बच्चों को खेतों में तलाशना शुरू किया।
रातभर आचार्य और ग्रामीण बच्चों को खोजते रहे। इस दौरान पुलिस को भी सूचना दी गई। शुक्रवार शाम किसी ने सूचना दी कि चारो बच्चे कानपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गए हैं। संरक्षक सुरेंद्र मुनि ने बताया कि चारों बच्चों को लेने कानपुर जाया जा रहा है। उनके मिलने के बाद पता चलेगा कि वे कानपुर कैसे पहुंचे।