फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल की सेंट्रल लैब में रीजेंट न होने से शनिवार को किडनी, लिवर समेत कई तरह की जांचें नहीं हो सकीं। मरीजों के नमूने लिए गए, मगर उन्हें रिपोर्ट नहीं मिल सकेगी। सिलेक्ट्रा पार्ट-5, विटामिन डी व बी-12 की जांचें करीब 15 दिन से बंद पड़ी हैं। अब तक जुगाड़ से मंगाए गए रीजेंट से सीबीसी पार्ट-3 मशीन से जांचें की जा रही थीं।
सेंट्रल लैब में 15 दिन से कई तरह के रीजेंट की व्यवस्था न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक महिला अस्पताल, कन्नौज, कानपुर से तीन बार सिलेक्ट्रा पार्ट-3 मशीन का रीजेंट उधार मंगाकर मरीजों की जांचें की जा रही थीं। शुक्रवार शाम पार्ट-3 मशीन का रीजेंट भी खत्म हो गया। इससे शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचे मरीजों की लिवर, किडनी, शुगर समेत अन्य जांचें नहीं हो सकीं। सिलेक्ट्रा पार्ट-5, विटामिन डी, बी-12 की जांचें कराने वाले मरीजों को निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
सेंट्रल लैब प्रभारी डॉ. जय सिंह ने बताया कि सिलेक्ट्रा पार्ट-3 का रीजेंट पूरी तरह खत्म हो गया। लिहाजा जांचें नहीं लग पाईं। वह कई दिन से उधार रीजेंट मंगवाने का प्रयास कर रहे थे। अभी भी कुछ सरकारी अस्पतालों में कहा है। बजट के अभाव में कंपनी से खरीद नहीं हो पा रही है। जैसे ही बजट मिलता है, रीजेंट मंगवा लिया जाएगा।
सिलेक्ट्रा पार्ट-5 से होती है सटीक जांच
लिवर, किडनी, शुगर आदि जांचों के लिए सिलेक्ट्रा पार्ट-3 और पार्ट-5 दो मशीनें उपलब्ध हैं। पार्ट-3 में यदि कोई असमंजस होता है, तो पार्ट-5 मशीन से सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो जाती है।