आलू भंडारण में कोल्ड स्टोरेज स्वामियाें की आनाकानी पर डीएम के कड़ा रवैया
अख्तियार किया है। डीएम एनकेएस चौहान ने क हा कि कोल्ड स्टोरेज किसानों
का आलू वरीयता के आधार पर भंडारित करें। अनियमितताएं मिलने पर शीतगृह के
लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
इस बार जिले में
10 से 15 फीसदी ज्यादा आलू हुआ है। मंदी के चलते किसान आलू भंडारित करना
चाहते हैं। आगे के महीनाें में मुनाफा की उम्मीद से कारोबारी व कोल्ड
स्टोरेज मालिकान खुद खरीद कर भंडारण में लगे हैं। इससे किसानाें को
दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
डीएम एनकेएस चौहान ने कोल्ड स्टोरेज
मालिकानाें और प्रबंधकाें को हिदायतें जारी की हैं। डीएम ने कहा कि कोल्ड
मालिकान आलू किसान अधिकार पत्र शीतगृह के मुख्य द्वार पर 2 गुणा 4 फीट के
नोटिस बोर्ड पर लिखवाकर प्रदर्शित करें। शीतगृह के मुख्य द्वार पर भंडारण
क्षमता, भंडारित मात्रा, रिक्त स्थान, निकासी व भंडारण दर का बोर्ड लगाएं।
किसानाें को तकपट्टी तुरंत मुहैया करा दी जाए।
इस पर तौल व भंडारण
दर लिखी जानी चाहिए। कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू के अभिलेख स्टाक
रजिस्टर, तकपट्टी आमद रजिस्टर, कैश रसीद व बीमा सहित बाकी अभिलेख सुरक्षित
रखे जाएं। शीतगृह में भवन, मशीनरी, जनरेटर की स्टैंड बाई व्यवस्था का
सुदृढ़ीकरण कर लिया जाए। डीएम ने कहा कि निरीक्षण में अनियमितता मिलने पर
लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।