शनिवार रात से शुरू हुई बरसात ने फाल्गुन में सावन की याद दिला दी। कई
घंटों की बरसात से शहर पानी-पानी हो गया। साथ ही जाती हुई सर्दी फिर लौट
आई। लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। शनिवार देर रात
शुरू हुई बरसात रविवार दोपहर बाद तक जारी रही।
बरसात से निचले इलाकों घोड़ा
नखास, मनिहारी, खटकपुरा इज्जत खां, सूफी खां, मौलवी बदन खां, कटरा बख्शी,
छावनी, बाग लकूला के अलावा हाता मिंडू खां, अंगूरीबाग, गंगादरवाजा, सिल्वर
साइन गली, गंगानगर कालोनी नाला किनारे, फतेहगढ़ चौराहा, आवास विकास,
मदारवाड़ी, बागकूंचा गली और तलैया फजल इमाम में जलभराव हो गया। हालांकि कुछ
देर बाद जलभराव तो खत्म हो गया
लेकिन रिमझिम बरसात के चलते गली कूंचों में
कीचड़ से लोग परेशान रहे। सबसे ज्यादा बुरा हाल अंगूरीबाग पुलिया के पास,
गंगादरवाजा, गुदड़ी, अमेठी कोहना, तलैया फजल इमाम, बाग लकूला और आवास-विकास
मार्ग का रहा। इसके अलावा मलिन बस्तियों की गलियों में भी कीचड़ रहा।
कीचड़ के चलते शहरियों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। बरसात से एकाएक सर्दी भी
बढ़ गई।
लोगों ने बक्सों में रखे गर्म कपड़े फिर निकाल लिए। आवास विकास में
होर्डिंग गिर गई। उधर, हफ्ते भर से पड़ रही गर्मी के बाद यकायक मौसम ने
पलटा मारा और लोगों ने फिर से सर्दी का एहसास किया। मौसम बिगड़ने से रविवार
को शहर की रफ्तार भी सुस्त रही। लोगाें ने जरूरी कामाें के अलावा बाहर
निकलने से परहेज किया। मौसम खराब होने से बीमारियां बढ़ने की आशंकाएं बढ़
गई हैं।
स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा
अचानक
बेमौसम बरसात ने स्वाइन फ्लू के खतरे को और बढ़ा दिया है। फि जीशियन डा.
अदिति श्रीवास्तव का कहना है कि इस मौसम में दमा, खांसी, जुकाम, ब्लड
प्रेशर की समस्याएं आ सकती हैं। इनसे बचने के लिए एहतियात बरती जाए। दिन व
रात में पंखा न चलाएं। गर्म कपड़े पहनें व ठंडा पानी न पीयें।
आम के बौर व गेहूं को नुकसान
बरसात
ने आम के बौर पर संकट पैदा कर दिया है। पूरे दिन सूरज के न निकलने से बौर
के काला पड़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। बौर में फफूंदी भी लग सकती है। गेहूं
में बाली तैयार है। बरसात से गेहूं के पौधे जमीन पर गिर गए हैं। इससे उपज
में गिरावट आ सकती है। खेत में कटी पड़ी सरसाें में सड़न आ सकती है। खेत
में खुदे पड़े आलू को भी नुकसान होगा। आलू की खुदाई भी बाधित हुई है। कृषि
विशेषज्ञ अतर सिंह यादव का कहना है कि बरसात से तंबाकू की पत्तियाें में भी
नुकसान होगा।
संडे बाजार में सन्नाटा
होली के
आखिरी संडे बाजार में बरसात की मार ने दुकानदारों को मायूस कर दिया।
शनिवार रात से शुरू हुई बरसात रविवार शाम तक जारी रही। इससे संडे बाजार में
सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों का कहना था कि बरसात ने होली फीकी कर दी। अब
फतेहगढ़ में लगने वाले मंगलवार बाजार से उम्मीद है।
रविवार को
त्रिपोलिया चौक से घुमना बाजार तक और मंगलवार को फतेहगढ़ में कोतवाली से
लेकर फतेहगढ़ तिराहे तक संडे बाजार लगता है। ये मध्यम वर्गीय और गरीब तबके
के लोगों के लिए मुफीद माना जाता है। होली को लेकर संडे बाजार के
दुकानदारों ने रेडीमेड, जूता-चप्पल, क्राकरी और पर्दों आदि का स्टाक किया
था। शनिवार देर रात शुरू हुई बूंदाबांदी रविवार सुबह बरसात में बदल गई।
इससे अधिकतर दुकानदारों ने दुकानें नहीं लगाईं। जिन्होंने दुकानें लर्गाइं
भी वह भी पन्नी से सामान ढके रहे। बरसात से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
नेहरू रोड पर रेडीमेड की दुकान लगाए वारिस खां का कहना था कि होली से पहले
यह आखिरी संडे था। इसलिए माल भी खूब भरा था। बरसात ने सारी उम्मीदों पर
पानी फेर दिया। जूता-चप्पल की दुकान लगाए राहुल कुमार का कहना था कि अब तो
बस फतेहगढ़ में लगने वाले मंगलवार के बाजार से ही आशा है।
तेज हवा से तार टूटे पोल गिरे, बिजली ठप
बरसात और तेज हवा से कई जगह पोल और तार टूट गए। इस कारण शहर से लेकर गांव
तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। पोल में करंट से कई लोग बाल-बाल बच गए।
रविवार को कई जगह बिजली सप्लाई ध्वस्त रही। मोहल्ला खटकपुरा के नजदीक
लगे रेल पोल में शनिवार रात करीब 3 बजे किसी वाहन ने टक्कर मार दी। इससे
पोल झुकने से तार कई जगह से टूट गए और चौक फीडर से आपूर्ति ठप हो गई।
नव
भारत सभा कोल्ड स्टोर के पास हाईटेंशन लाइन का तार टूट गया। इससे आपूर्ति
ठप हुई। हवा के कारण कई जगह इंसूलेटर फटे और तार टूटने के कारण लकूला फीडर
से आपूर्ति बाधित रही। फतेहगढ़ नगर के मोहल्ला प्रीतम नगला और राजन नगला
में डिवीजन फीडर से आपूर्ति शुरू होते ही बंच लाइन जल गई। इससे आपूर्ति बंद
कर दी गई। मिल्क डेयरी फीडर पूरे दिन बंद रहा।
कई जगह पोल पर लगे इंसूलेटर
फटने से आपूर्ति बंद रही। अवर अभियंता अमित शर्मा, संदीप कठेरिया, राकेश
कुमार ने बताया कि तार और इंसुलेटर फटने से आपूर्ति ठप रही। इनको सही करा
दिया गया है। उधर, फतेहगढ़ नगर के मोहल्ला जाफरी में रविवार को रेल पोल
में करंट उतर आया। इसके पास से गुजरे जानवर व अन्य लोग करंट से बच गए। इसकी
जानकारी पर अवर अभियंता संदीप ने आपूर्ति बंद कर कर्मचारी को तार सही करने
के निर्देश दिए।