कायमगंज सीएचसी में प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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कायमगंज। दो दिन पूर्व साथी के साथ से हुई मारपीट और कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस पर उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगा स्वास्थ्य कर्मियों ने गुरुवार को सीएचसी कायमगंज में काम नहीं किया। इससे न ओपीडी लगी न ही कोविड-19 के कार्य हुए। स्वास्थ्य कर्मियों की मांग है जबतक दर्ज मुकदमे में कोविड-19 के कार्य में बाधा डालने की धारा बढ़ाकर आरोपी को जेल नहीं भेजा जाएगा वह कार्य नहीं करेंगे। इस सीएचसी में नौ डॉक्टर समेत 276 कर्मचारी है। चिकित्साधिकारी डॉ. शोभित ने बताया कि जब तक आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वह लोग आंदोलन करते रहेंगे।
दरअसल, बीसीपीएम विनय मिश्रा से मंगलवार दोपहर को चौकी के पास बने बैरियर पर खड़े युवक ने पहले गाली गलौज की फिर सीएचसी में घुसकर विनय मिश्रा से मारपीट व तोड़फोड़ कर डाली। पुलिस ने विनय मिश्रा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी चंद्रेश को शांति भंग की धारा में गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। मामूली धाराओं में दर्ज मुकदमे से स्वास्थ्य कर्मी संतुष्ट नहीं हैं।
इसके विरोध में गुरुवार को कर्मियों ने सीएचसी गेट पर प्रदर्शन कर ओपीडी व कोविड -19 के नमूने लेने का कार्य बंद कर दिया। कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम अमित आसेरी को मांग पत्र सौंपा। कायमगंज सीएचसी के कर्मियों के काम न करने से शमसाबाद सीएचसी में भी कोरोना जांच के लिए नमूने लिए जाने का काम बंद रहा। सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. शोभित, डॉ. विपिन, डॉ. अमरेश, डॉ. संदीप, डॉ. रेशू, विनय मिश्रा, ज्योति गुप्ता, हेमलता आदि मौजूद रहे।