मोहम्मदाबाद। आईजी मोहित अग्रवाल ने कोतवाली में केक काट कर गौरी का जन्म दिन मनाया। गौरी के केट काटते ही आईजी ने हैप्पी-बर्थ-डे कह कर गौरी को दुलारा। उसको उपहार दिए। इसके बाद एसपी, एएसपी, सीओ व कोतवाल ने भी गौरी को उपहार भेंट किए।
गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम की पुत्री गौरी की पढ़ाई और पालन पोषण की आईजी मोहित अग्रवाल जिम्मेदारी निभा रहे हैं। गौरी के तीन साल की होने पर शुक्रवार को आईजी उसका जन्म दिन मनाने कोतवाली पहुंचे। मोहम्मदाबाद कोतवाली में जन्म दिन की तैयारियां की गईं थीं। शुक्रवार दोपहर पहुंचे आईजी ने गौरी से पांच किलो का केट कटवाया। गौरी का पालन-पोषण करने वाली उसकी बुआ वेदवती व फूफा अजय कुमार से हालचाल पूछे। वेदवती ने बताया कि गौरी की परवरिश में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आ रही है।
आईजी ने गौरी को एक लिफाफा और उपहार में दिया। इसके बाद एसपी अशोक कुमार मीणा, एएसपी अजय प्रताप सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद, कायमगंज, अमृतपुर, सीओ सिटी व कोतवाल ने भी गौरी को उपहार भेंट किए। गौरी की बुआ, फूफा व उनके दो बच्चों को कोतवाली में नाश्ता कराया गया। वेदवती ने बताया कि लिफाफा में पांच हजार रुपये थे।
मोहम्मदाबाद। गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने कुछ मांगों को पूरा कराने के लिए 30 जनवरी 2020 को गांव के 24 बच्चों को बंधक बना लिया था। इसमें उसकी पत्नी रूबी ने भी सहयोग किया था। बंधक बनाए बच्चों को घर में बने बंकर में रखा था। आईजी मोहित अग्रवाल के नेेतृत्व में बच्चों को बंधक मुक्त कराने का अभियान चला था। पुलिस ने सुभाष बाथम को मार गिराया था। उसकी पत्नी रूबी भी घायल हो गई थी। उसकी भी मौत हो गई। सुभाष की बेटी गौरी माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हो गई थी। उस समय गौरी करीब डेढ़ साल की थी। आईजी ने गौरी के पालन पोषण की जिम्मेदारी लेकर गौरी को कोतवाली की महिला सिपाही रजनी के सुपुर्द किया था। रजनी ने डेढ माह तक गौरी का पालन पोषण किया। इसके बाद सुभाष की बहन वेदवती ने गौरी को गोद ले लिया। तब से गौरी पिता के मकान में बुआ, फूफा व उनके बच्चों के साथ रह रही है। गौरी का खर्चा आईजी उठाते हैं।