कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते राज्य कर्मचारी व फार्मासिस्ट के पदाधिकारी। संवाद
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फर्रुखाबाद। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले बुधवार को समस्याओं को लेकर कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने पेंशन बहाली, समान वेतन और संविदा कर्मियों ने स्थायी करने की मांग उठाई। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई।
संगठन के जिला संयोजक चक्र सिंह यादव के नेतृत्व में फार्मासिस्ट व कुछ अन्य विभागों के कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जोश में कर्मचारी कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन भूल गए। चेहरे से मास्क उतरने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग फेल हो गई। कर्मचारियों ने कोरोना महामारी के दौरान सेवा पुरस्कार के बजाय केंद्रीय कर्मचारियों की महंगाई भत्ते की तीन किस्तें रोकने, प्रदेश सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में वृद्धि रोकने और 6 भत्ते समाप्त करने पर विरोध जताया। कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देना, 50 से 55 वर्ष आयु के कर्मचारियों की जबरन सेवानिवृत्ति उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली, समान काम का समान वेतन देने और सभी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों को अनुभव के आधार पर स्थायी करने की मांग की है। समस्याओं का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। इस दौरान परिषद के सहसंयोजक गिरीश कुमार, फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जितेंद्र सिंह, पुनीत मिश्रा, एके शुक्ला आदि फार्मासिस्ट व कर्मचारी मौजूद रहे।