गोशाला में अलाव के पास खड़े गोवंश।
- फोटो : गोशाला में अलाव के पास खड़े गोवंश।
फर्रुखाबाद। गोशालाओं में संरक्षित करीब 10 हजार गोवंशों को सर्दी से बचाने के प्रशासनिक इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। गाेवंशो के लिए बनाए जा रहे काऊ कोट मांग के हिसाब से पूरे नहीं पड़ रहे हैं। सर्द रातों में गोवंशो के संरक्षण के लिए 3680 गायों को कोट पहनाए गए। अभी करीब 6400 गोवंशों को कोट की दरकार है।
जनपद की 28 गोशालाओं में करीब 10 हजार गोवंश संरक्षित किए गए हैं। इनमें गाय के अलावा सांढ़ व बच्चे शामिल हैं। इन दिनों तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ी है। डीएम व सीडीओ के सख्त रुख के चलते पहले ही गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इससे गोशालाओं में टिनशेड के चारों ओर तिरपाल लगाया। कमजोर गायों के लिए जिला जेल के बंदी काऊकोट तैयार कर रहे हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से बोरा उपलब्ध कराए गए। अब तक जिला जेल से 3680 काऊकोट तैयार कर गोशालाओं को भेजे जा चुके हैं। इससे अभी करीब 6400 गोवंश के लिए कोट की जरूरत है। शीतलहर व ठिठुरन के चलते गोशालाओं में अलाव जलवाने के निर्देश हैं।
प्रधान नहीं कर रहे भुगतान
जिला जेल के अधीक्षक भीम सेन मुकुंद ने बताया कि मांग के अनुसार काऊकोट तैयार करा रहे हैं। प्रशासन द्वारा बोरा उपलब्ध कराने के लिए 125 रुपये प्रति काऊ कोट पर खर्च आ रहा है। अभी तक ब्लाक बढ़पुर में 200, कमालगंज में 580, कायमगंज में 500, मोहम्मदाबाद में 900, राजेपुर में 500, नवाबगंज में 700 व शमसाबाद में 300 काऊकोट आपूर्ति की है। प्रधानों की लापरवाही के चलते अब तक मात्र 280 काऊकोट का ही भुगतान मिला है। इसके अलावा 175 काऊकोट पशुपालक ले जा चुके हैं। जिला जालौन से 1000 काऊकोट का आर्डर आया है। बोरा सहित 150 रुपये में काऊकोट तैयार कराए जा रहे हैं।