नवाबगंज। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 3.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कल्याण मंडपम (मंगलम गेस्ट हाउस) को सांसद मुकेश राजपूत ने मंगलवार को पूजा-अर्चना के बाद जनता को समर्पित कर दिया। उद्घाटन के साथ ही इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवन हैंडओवर हुए महज एक वर्ष ही हुआ है। अभी से इसका प्लास्टर उखड़ने लगा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उद्घाटन से पहले ही भवन का यह हाल सरकारी निर्माणों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
नगर पंचायत नवाबगंज के बिजली उपकेंद्र परिसर में बने इस कल्याण मंडपम की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, जगह-जगह प्लास्टर उखड़ गया है, दूसरी मंजिल पर दरवाजे के पास प्लास्टर टूट गया है और सीलन साफ नजर आ रही है। ऊपर बनी पानी की टंकी से छत पर पानी भरा हुआ है। अग्निशमन यंत्र वाले क्षेत्र में अब तक प्लास्टर तक नहीं कराया गया, जबकि स्टील ग्रिल के लट्टू गायब हैं। जिस भवन का उद्घाटन सांसद करने पहुंचे, अधिकारियों ने उसे अंदर से नहीं दिखाया। सांसद बाहर से ही कार्यक्रम में शामिल होकर लौट गए। यह तथ्य अपने आप में कार्यदायी संस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
वर्ष 2022 से 2024 तक निर्माण, 2025 में हैंडओवर
कल्याण मंडपम का निर्माण सीएनडीएस संस्था ने वर्ष 2022-23 में शुरू कराया था। निर्माण कार्य दिसंबर 2024 में पूरा हुआ। 2025 में इसे नगर पंचायत को हैंडओवर किया गया। इसके निर्माण में 3.23 करोड़ रुपये की लागत आई है।
अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार बैस ने माना कि सीएनडीएस के बनाए गए भवन की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इस भवन की दीवारों की नमी और प्लास्टर उखड़ने के सवाल पर उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही।