फर्रुखाबाद। गंगा तट पांचाल घाट पर अर्द्धकुंभ की तरह लगने वाले मेला रामनगरिया में कल्पवासियों के आने से रौनक लौट आई है। यहां दूरदराज से संत महात्मा आकर एक माह कल्पवास कर मानसिक शांति और आत्मिक आनंद की अनुभूति करते हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं से संत-महात्मा नाराज हैं।
निर्मोही अखाड़ा के महंत सतीश महाराज का कहना है कि हैंडपंपों की कमी के चलते कल्पवासियों को पीने के पानी की दिक्कत है। तट पर गंदगी पसरी है। कल्पवासियों का कहना है कि दूषित पानी से नहाने पर चर्मरोग हो सकता है और उसका आचमन करने से तरह-तरह की बीमारियां कल्पवासियों को घेर सकती हैं। इनका कोई भी उपाय नहीं किया गया है। जिससे कल्पवासी यहां मानसिक अशांति से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने इस बार आधी अधूरी व्यवस्थाएं की हैं।
गंगा तट पांचाल घाट पर मेले का शुभारंभ करवाने वाले पूर्व विधायक महरम सिंह का कहना है कि यह मेला जिलाधिकारी आर.कुमार ने शुरू किया था। मेले को शुरू कराने में गुरसहायगंज के कांग्रेस नेता स्व. रामसेवक मिश्रा ने अथक प्रयास किया था। मेले को सरकारी रूप और आर्थिक सहायता तत्कालीन मख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी ने दी थी।
वहीं, आश्रम को आगे बढ़ाकर बनाने पर साधुओं के दो गुटों के बीच नोकझोंक हो गई। बाद में लोगों ने बीच बचाव कर समझौता करवा दिया।
मेला रामनगरिया का उद्घाटन 23 जनवरी को किया जाएगा। इससे पहले सारी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। राशन की छह दुकानों के लिए सांस्कृतिक पांडाल के सामने पांडाल लगा दिए गए हैं। 23 जनवरी से राशन कार्ड बनाकर सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। हैंडपंप लगा दिए गए हैं। मेले में बिजली की व्यवस्था कर दी गई है। - शिव बहादुर सिंह, नगर मजिस्ट्रेट/मेला सचिव