बयरिंग गलने से काली नदी पुल का एक हिस्सा धसक गया है। इसके चलते गुरुवार से इससे भारी वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद धसके हुए हिस्से के पास दीवार बनाकर रोक लगाई जाएगी।
विभाग के अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण करने के लिए विशेषज्ञ को बुलाया है। वह पुल का निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। उसके बाद पुल को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा।
जनपद फर्रुखाबाद व कन्नौज के कस्बा छिबरामऊ को जोड़ने के लिए वर्ष 1972 में गांव उधरनपुर के पास काली नदी पर पुल का निर्माण कराया गया था। सपा सरकार में फतेहगढ़ से छिबरामऊ तक इस मार्ग के चौड़ीकरण का काम हुआ था।
मंगलवार को काली नदी पुल के एक हिस्से का बयरिंग गल जाने से वह हिस्सा करीब चार इंच नीचे धसक गया। इसकी जानकारी होने पर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आदित्य कुमार ने मौके पर जाकर पुल के धसके हिस्से का बारीकी से निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
उनके आदेश पर बुधवार को पहुंचे कर्मचारियों ने धसके हुए हिस्से के आसपास मिट्टी भरी बोरियां लगा दी हैं। पुल के दोनों ओर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतया प्रतिबंध के बोर्ड लगाने का काम भी शुुरू कर दिया गया।
वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए दोनों जनपदों के डीएम व एसपी को पत्र भी भेजा जा रहा है। जब तक पुल मरम्मत कर पूरी तरह दुरुस्त नहीं कर दिया जाता, तब तक पैदल, बाइक व छोटे वाहन ही पुल से गुजर सकेंगे। पुल का निरीक्षण करने के लिए विभाग के एक्सपर्ट आएंगे। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इस काम में लगभग दो माह का समय लगेगा।
बयरिंग गलने से पुल का हिस्सा दरक गया है। गुरुवार से भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। विभाग के विशेषज्ञ पुल का निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट देंगे।
इसके बाद काम शुरू किया जाएगा। लगभग दो माह का समय लगेगा। -आदित्य कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग