मेडिकल स्टोर के बाहर बैठे किसान नेता से वार्ता करते तहसीलदार व डीआई।
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झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भी क्लीनिक और मेडिकल स्टोर चलाने की शिकायत पर तहसीलदार व डीआई उसे सील करने पहुंचे। क्लीनिक व मेडिकल बंद मिलने पर सील नहीं हो सका। टीम वहां से बैरंग वापस चली गई।
19 जुलाई को अचरा रोड स्थित गांव सत्तार नगर में भाकियू लोकशक्ति के नेताओं द्वारा एक सभा में अवैध क्लीनिक व मेडिकल स्टोर चलाने का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद एसीएमओ डॉ. राजीव शाक्य जांच के लिए पहुंचे थे। जांच के दौरान किसान नेता राजवीर सिंह व झोलाछाप के बीच मारपीट हो गई थी।
राजवीर ने झोलाछाप चरन सिंह व उनके भाई जोगेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डिप्टी सीएमओ ने भी झोलाछाप के खिलाफ बिना डिग्री के प्रैक्टिस करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को राजवीर सिंह ने अन्य किसान नेताओं के साथ जाकर एसपी से शिकायत की थी कि झोलाछाप मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब भी वहीं बैठकर प्रैक्टिस कर रहा है और मेडिकल स्टोर भी संचालित कर रहा है।
वहीं उनका घर भी है। वह हम लोगों को जान से मारने की धमकी देते हैं। इस पर मंगलवार को तहसीलदार भूपाल सिंह, डीआई अशोक कुमार चौधरी, दरोगा रहीस खान पुलिस फोर्स के साथ क्लीनिक व मेडिकल स्टोर सील करने पहुंचे, लेकिन वहां दोनों दुकानों में ताले लटके मिले। इससे कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
किसान नेताओं का आरोप था दुकान सील होने की झोलाछाप को भनक लग गई, इससे दुकान खोली नहीं है वैसे रोजाना खुलती है। डीआई ने किसान नेताओं से मेडिकल स्टोर खोलने का प्रमाण देने को कहा है। डीआई ने बताया कि बंद दुकान को सील नहीं किया जा सकता है। यदि मेडिकल खोला जा रहा है इस पर नजर रखी जाएगी और ठोस कार्रवाई की जाएगी।