फर्रुखाबाद में आवास विकास कालोनी निवासी अधिवक्ता राजेश वर्मा की पुत्री ईशानी राज वर्मा ने 98.4 प्रतिशत अंक पाकर जिले में दूसरा स्थान पाया है। छात्रा ने बताया कि उसकी मां रानी वर्मा प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर हैं। एक छोटा भाई है।
वह आईएएस बनकर भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती हैं। कार्यालयों में छोटे से लेकर बड़े कर्मचारी और अधिकारी हर काम की रिश्वत मांगते हैं। यह गलत है। सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार शिक्षा विभाग में है। जिस जिले में वह तैनात होंगी, वहां भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का काम करेंगी।
पब्लिक की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराने पर जोर रहेगा। ईशानी राज वर्मा ने कानपुर में विकास दुबे के एनकाउंटर को ठीक बताया है। विकास दुबे ने जैसा किया था, उसके साथ वैसा हुआ है।