फोटो-40 झूलेलाल की शोभायात्रा में डांडिया करती युवतियां। स्रोत: जागरूक पाठक
फर्रुखाबाद। सिंधी समाज ने शुक्रवार को भगवान झूलेलाल जन्मोत्सव और चेटीचंड पर्व बड़े उत्साह से मनाया। इस विशेष अवसर पर सिंधियत नववर्ष का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डांडिया नृत्य की धूम रही और गंगा तट पर दीपदान के साथ इसका समापन हुआ।
शुक्रवार सुबह पक्कापुल स्थित सिंधी मंदिर में भगवान झूलेलाल की प्रतिमा को महास्नान कराया गया। इसके बाद बहिराणा साहब यानी अमर ज्योति की एक भव्य यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में महिलाएं और बच्चे अमर ज्योति को सिर पर रखकर डांडिया नृत्य करते हुए आगे बढ़े। यह यात्रा किराना बाजार, चौक और रेलवे सड़क से होती हुई सिंधी कॉलोनी स्थित सिंधु मैदान में समाप्त हुई। रास्ते भर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बहिराणा साहब का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सिंधु मैदान में दुर्वासा आश्रम के महंत ईश्वर दास ब्रह्मचारी ने भगवान झूलेलाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान समाज के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और समाजसेवियों को शॉल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
समाज के मुखिया आत्माराम दवानी सहित ईश्वर दास शिवानी और सुंदर दास जैसे कई गणमान्य लोगों ने सिंधी नववर्ष की शुभकामना दी। इस अवसर पर समाज के सभी सदस्यों के लिए सहभोज का आयोजन भी किया गया। शाम को सिंधु मैदान से भगवान झूलेलाल की एक विशाल झांकी निकाली गई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ डांडिया नृत्य करते युवा-युवतियों की टोलियां इस शोभायात्रा में शामिल थीं।
यह शोभायात्रा रेलवे सड़क, चौक, घुमना और लालगेट तक पहुंची। यहां से सभी श्रद्धालु वाहनों में सवार होकर पांचाल घाट की ओर रवाना हुए। देर रात पांचाल घाट गंगा तट पर भव्य दीपदान के साथ इस पूरे कार्यक्रम का समापन किया गया। संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री सुरेंद्र पांडेय और अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
फोटो-40 झूलेलाल की शोभायात्रा में डांडिया करती युवतियां। स्रोत: जागरूक पाठक