गांव महरूपुर सहजू में एक फैक्ट्री की विद्युत लाइन खुद बनवाने को मालिक ने एस्टीमेट का 15 फीसदी धन विभाग में जमा किया था। उसने ठेकेदार से साठगांठ कर विभागीय सामग्री लगवा कर विद्युत लाइन बनवा ली। जेई ने बिना जांच किए विद्युत लाइन को चालू कर दिया। इस लापरवाही में अधीक्षण अभियंता ने अवर अभियंता को निलंबित कर दिया है।
महरूपुर सहजू में एक फैक्ट्री लगाई गई है। इसके लिए करीब 25 किलोवॉट का कनेक्शन लेने के लिए विभाग में आवेदन किया था। 11 केवी की लाइन दूर होने से विभाग ने पांच पोल का एस्टीमेट बनाकर फैक्ट्री मालिक को दिया। तब फैक्ट्री मालिक ने ठेकेदार से मिलकर विभागी सामग्री से विद्युत लाइन खुद बनवा कर चालू कराने के लिए एस्टीमेट का 15 फीसदी धन विभाग में जमा किया। जनवरी में एई मीटर अरविंद कुमार फैक्ट्री में मीटर लगाने गए।
उनको जानकारी हुई कि विद्युत लाइन बनवाने में विभागीय सामग्री का इस्तेमाल हुआ तो उन्होंने अधीक्षण अभियंता को इसकी जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन शहरी पंकज अग्रवाल को जांच सौंपी। एक्सईएन पंकज अग्रवाल जांच करने गए तो उन्हें पता चला कि तीन सीमेंट और दो लोहे के पोल लगाए गए हैं।
यह पोल कन्नौज से मंगाए गए थे। 63 केवी का जो ट्रांसफार्मर रखा गया था। वह किशनी से आया था। यह सभी सामान विभागीय है। बाजार से नहीं खरीदा गया है। एक्सईएन की रिपोर्ट के बाद अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने अवर अभियंता वेद प्रकाश भारती को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है।