लोगों के चंगुल से छूट कर आते जेई मुकेश जायसवाल।
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ गीतापुराम में पार्क की जमीन पर अतिक्रमण हटाने के दौरान डेढ़ साल पूर्व बनाए गए मंदिर को गिरा दिया गया। यह देख वहां के लोगों ने पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों को खदेड़ दिया। जेई की गाड़ी कब्जे मेें ले ली। पुलिस मौके पर पहुंची और जेई की गाड़ी को मुक्त कराया। मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
गीतापुरम पार्क में एक कमरे का निर्माण कराया गया था। इसे गिराने का आदेश होने पर नगर पालिका ईओ रोली गुप्ता, जेई मुकेश जायसवाल जेसीबी और कर्मचारियों को लेकर वहां पहुंचे। कमरे को गिराने के दौरान कुछ दूरी पर बने मंदिर को भी पालिका कर्मचारियों ने गिरा दिया। यह देखकर वहां के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण डेढ़ साल पूर्व कराया गया था। इसमें मूर्ति की स्थापना होनी थी।
पालिका अधिकारियों ने मंदिर के निर्माण की अनुमति दिखाने को कहा तो लोगों ने कहा कि यह बात निर्माण के दौरान पालिका अधिकारियोें ने क्यों नहीं कही। उन्होंने मंदिर को गिराने का आदेश पालिका अधिकारियों से दिखाने को कहा। लोगों का गुस्सा देखकर ईओ पालिका व अन्य कर्मचारी वहां से धीरे-धीरे निकल गए। स्थानीय लोगों के बीच जेई मुकेश जायसवाल फंस गए। इनको लोगों ने दौड़ा लिया। इस कारण उनकी गाड़ी वहीं रह गई। इसकी जानकारी मिलने पर फतेहगढ़ कोतवाल अतर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गाड़ी को मुक्त कराया।