फोटो-7 कमालगंज-हरदोई मार्ग के महमदगंज मड़ैयन घाट पर टूटा हुआ पंटून पुल। स्रोत: जागरूक पाठक
कमालगंज। गंगा नदी के महमदगंज मड़ैयन घाट पर पंटून पुल के टूटने से हरदोई जाने का रास्ता बंद है। इससे लोग परेशान हैं। मंडी में कृषि उपज लाने की उम्मीद संजोए किसानों को भी जोर का झटका लगा है।
कमालगंज-हरदोई मार्ग पर महमदगंज मड़ैयन घाट पर गंगा में पानी बढ़ने से पांच दिन पूर्व पंटून पुल टूट गया था। पुल से उतरने व चढ़ने वाला पहुंच मार्ग (अप्रोच) क्षतिग्रस्त हो गया तो पटरे हटा लिए गए। अप्रोच वाले स्थान के आगे पानी चल रहा है। अभी तक पंटून पुल होने से हरदोई तक दूरी 67 किलोमीटर पड़ रही थी। पुल के दूसरी ओर जिले के तेरा अकबर से तीन किलोमीटर पर हरदोई जिले का कुंडपुरा है। बारामऊ, ढकपुरा, बेड़ीजोर का रामगंगा पुल, कीर्तियापुर, पलिया, जोधनपुरवा होकर हरपालपुर कुल 22 किलोमीटर पड़ता है।
हरपालपुर से सांडी 15 किलोमीटर, वहां से हरदोई 22 किलोमीटर है। इस तरह कमालगंज से हरदोई 67 किलोमीटर दूरी तय कर पहुंच जाते थे। अब पंटून पुल टूटने से फर्रुखाबाद होकर हरदोई 90 किलोमीटर से ज्यादा पड़ता है। कृषि उत्पादन मंडी समिति कमालगंज गल्ला आढ़ती संघ अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि पंटून पुल जल्दी ही चालू न हुआ तो गंगापार क्षेत्र से गेहूं, जौ आदि अनाज मंडी में नहीं आ पाएगा।
संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय कमल ने कहा कि अर्जुनपुर रामगंगा पुल से जुड़े बड़े गांव, खसौरा, अजतूपुर आदि गांवों के किसान भी नहीं आ पा रहे हैं। इसका असर कमालगंज की मंडी पर पड़ेगा। गंगापार के कड़हर की प्रधान उर्मिला, तेरा अकबरपुर के अशोक व महमदगंज सबासी के प्रधान प्रदीप कुमार ने कहा कि क्षेत्र से जाने वाला अनाज कमालगंज मंडी न पहुंच पाने पर किसानों का नुकसान होगा। इसलिए जल्द ही पंटून पुल चालू किए जाने का प्रयास किया जाना चाहिए। कृषि उपज के साथ ही आम लोगों के आवागमन में सुविधा जल्दी मिले। वहीं, फर्रुखाबाद में पांचाल घाट का भी पंटून पुल खोल दिया गया है। इससे अब पक्के पुल पर ही यातायात का पूरा दबाव बनेगा।