जनपद के नोडल अधिकारी आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद ने बुधवार को बढ़पुर ब्लाक के संतृप्त गांव चांदपुर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान साठगांठ के चलते चकरोड से कब्जा न हटने, नाला, नगरपालिका द्वारा कूड़ा व जैविक कचरा डंप कर आग लगाने से जहरीला धुआं उठने का मुद्दा उठाया गया। बिना रिश्वत वरासत दर्ज न करने का आरोप लगा।
नोडल अधिकारी रजनीश गुप्ता दोपहर को बढ़पुर ब्लाक के पहले से संतृप्त व पुरस्कृत गांव चांदपुर में सरकारी योजनाओं की हकीकत जानने पहुंचे। उन्होंने पहले बच्चों के अन्नप्राशन व गर्भवतियों के गोदभराई कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद डीएम मानवेंद्र सिंह, सीडीओ डा.राजेंद्र पैंसिया, एसडीएम अनिल कुमार आदि अफसरों के साथ चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
आयुष्मान की समीक्षा के दौरान गांव के गरीब बीमार पुत्तूलाल ने गोल्डन कार्ड नहीं बनने की शिकायत की। मृदा परीक्षण के 55 कार्ड की जानकारी पर स्थलीय सत्यापन को कहा। आठ माह से विधवा पेंशन न मिलने की शिकायत पर डीपीओ से जवाब मांगा।
डीपीओ ने इस माह के अंत तक खाते में पेंशन पहुंचने की बात कही। समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने उज्ज्वला, सौभाग्य, आजीविका मिशन आदि योजनाओं की समीक्षा की। एसपी डा.अनिल मिश्रा, एएसपी त्रिभुवन सिंह, डीडीओ दुर्गादत्त शुक्ला, डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी, सीओ मन्नीलाल, बीडीओ भावना यादव आदि मौजूद रहे।
आनलाइन वरासत की जानकारी न दे सके ग्रामीण
नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों से पूछा कि आनलाइन वरासत दर्ज करने की जानकारी है या नहीं। ग्रामीणों के मौन पर उन्होंने लेखपाल को प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने कहा कि वरासत दर्ज कराने के लिए पांच से दस हजार रुपये तक की मांग की जाती है।
चकरोड पर कब्जे में साठगांठ का आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत की कि गांव के चकरोड पर वर्षों से कब्जा है। चार दिन पूर्व एसडीएम चिह्नांकन करा गए थे। फिर कब्जा हो गया। नोडल अधिकारी के कहने पर महिला प्रधान ने कहा कि चकरोड खाली कराने को लेकर कई बार गोली तक चल चुकी है।
नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों से कहा कि चकरोड पर तुम्हारे लोगों (गांव के ही व्यक्ति) का कब्जा है, इसमें प्रशासन दोषी कहां। इस पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सब मिलीभगत का खेल है। इस पर उन्होंने एसडीएम को हर कीमत पर चकरोड को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए।
शहर का कूड़ा डंप कर लगाई जाती आग
ग्रामीणों ने शिकायत की कि नगरपालिका के कर्मचारी पूरे शहर का कूड़ा व निजी अस्पतालों का जैविक कचरा गांव से कुछ दूरी पर डंप कर आग लगा देते हैं। इससे जहरीला धुआं गांव तक आता है। एसडीएम के यह कहने पर कि यह ईओ की जिम्मेदारी है नोडल अधिकारी गुप्ता ने टोक दिया कि विभाग कोई भी हो जिम्मेदारी प्रशासन की होती है।
इस समस्या का तत्काल निस्तारण कराएं। जैविक कचरा निस्तारण न होने के संबंध में मीडिया कर्मियों ने सीएमओ डा.चंद्रशेखर से सवाल किया। इस पर वे चुप्पी साधे जीप में बैठकर चले गए।
साहब नहीं मिला आवास
कायमगंज के गांव रुदायन निवासी वृद्ध ने सूची में नाम पर भी प्रधानमंत्री आवास नहीं मिलने की शिकायत की तो उसे आवास का आश्वासन दिया। वहीं कुछ फरियादी शिकायती प्रार्थनापत्र लेकर पहुंचे। उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि सिर्फ ग्रामीणों की समस्या सुनी जाएगी। शिकायत कलेक्ट्रेट या निरीक्षण भवन पहुंचने पर करें।
मनरेगा कक्ष में सीलन से नाराज, समूह की प्रगति से असंतुष्ट
नोडल अधिकारी रजनीश गुप्ता सुबह 10.22 बजे क्षेत्र पंचायत कार्यालय कमालगंज पहुंचे। परिसर में स्थित पशु चिकित्सालय, सभागार व ब्लाक प्रमुख कक्ष देखने के बाद वह कार्यक्रम अधिकारी कक्ष मनरेगा में पहुंचे। कक्ष की दीवारों के ऊपरी हिस्से में चारों ओर सीलन देख कर वह नाराज हुए।
अवर अभियंता राजीव गोयल ने दो साल पहले ही छत पर एक लेयर डलवाने की जानकारी दी। इस पर सचिव ने सीलन खत्म करने का स्थायी निदान करने की बात कही। 10.33 बजे वह बीडीओ कक्ष में बुकलेट लेकर समीक्षा शुरू की तो पुराने प्रारूप को देखकर बोले कि इसमें कुछ गड़बड़ नहीं लगता। नए प्रारूप में योजना अनुसार प्रगति दर्शाने की बात कही।
सूचना पट पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख होने के बावजूद बुकलेट में विवरण अंकित न होने पर सवाल उठाया। दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 50 स्वयं सहायता समूह के लक्ष्य के सापेक्ष 30 समूह गठित होने पर योजना अच्छे से चलाने को कहा। इस पर बीडीओ राजेश बघेल ने कहा कि समूह गठन को लगातार सकारात्मक वातावरण बनाया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान सचिव ने एकाउंटेंट एसके रावत को तलब किया। एकाउंटेंट से कैशबुक आदि के बारे में जानकारी की। इसी बीच डीडीओ के बोलने पर वे बिगड़ गए। उन्होंने कहा जिससे पूूछा जाए वही बताएगा। एडीओ के सात में से चार पद खाली होने पर सवाल उठाया।
पीपे के पुल की उठाई समस्या, पैमाइश न होने का दुखड़ा
समीक्षा के बाद 11.35 बजे जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के साथ कक्ष से सचिव बाहर निकले। भाजपा नेता गोपाल पालीवाल ने कहा कि हर वर्ष दिवाली से पहले गंगा नदी पर पीपे का पुल बन जाता था। इस बार पुल न बनने से अभी तक गंगापार से संपर्क टूटा है।
भोजपुर के मैकूलाल ने दो साल से लेखपाल द्वारा जमीन की पैमाइश न करने की शिकायत की। मकुनगला के दिव्यांग बंटू पुत्र सुदामा ने पेंशन न मिलने की शिकायत की। बीडीओ ने मोबाइल पर सूची देखकर बताया कि धनराशि स्थानांतरित कर दी गई है।