नशे में जिंदगी बर्बाद करती यूवा पीढ़ी
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दलित युवती हत्याकांड की विवेचना कानपुर देहात स्थानांतरित होने पर कई सफेदपोश नेताओं की कलई और खुलने जा रही है। वहीं दूसरी तरफ दलित युवती के पास बरामद हुए नशीले पाउडर की जांच पड़ताल फर्रुखाबाद जिले से ही कराई जाएगी। दलित युवती के मरने के बाद भी उसके विरुद्ध जांच पड़ताल जारी है।
चर्चित दलित युवती हत्याकांड से पहले तत्कालीन कमालगंज के थानाध्यक्ष सालिगराम वर्मा ने 30 अप्रैल को दलित युवती के विरुद्ध जान माल की धमकी देने और नशीला पाउडर बरामद होने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर केबी सिंह को सौंपी गई। इंस्पेक्टर केबी सिंह ने नशीले पाउडर को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा।
अभी तक नशीले पाउडर के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। विवेचना जारी है। कानपुर विवेचना ट्रंासफर होने से कई राज और खुलने के आसार बढ़ गए हैं। विवेचनाधिकारी क्षेत्राधिकारी अमृतपुर कालूराम दोहरे का कहना है कि विवेचना से संबंधी सभी दस्तावेज कानपुर देहात को भेज दिए गए हैं।
अतिशीघ्र वहां विवेचना शुरू हो जाएगी। उनका कहना है कि रामदास तथा अन्य लोगों ने भी अपने बयान दर्ज कराए थे, लेकिन अब इस केस की नए सिरे से विवेचना कानपुर देहात पुलिस करेगी। बताया गया है कि दलित युवती हत्याकांड में उसके अपनो ने ही खेल शुरू कर दिया था।
जिसकी भनक उसके भाई विजय को लगने पर उसने तथा उसके पिता ने आईजी से संपर्क करके इस विवेचना को कानपुर देहात के लिए स्थानांतरित करवाने की मांग की थी। विजय का कहना है कि फर्रुखाबाद में विवेचना से संबंधित जानकारी विवेचना अधिकारी को देने आते समय उसे तथा उसके पिता को जान माल का खतरा बना हुआ था। इस वजह से उसने इस मामले की विवेचना को स्थानांतरित कराने का प्रयास किया।