फर्रुखाबाद। कमालगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत अहिमलापुर के विकास कार्यों में 40 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाकर शिकायत की गई। डीएम ने जांच के लिए समिति गठित की। समिति के अधिकारियों को विकास कार्यों की पत्रावली उपलब्ध न कराए जाने से जांच लटक गई है। डीपीआरओ ने बीडीओ को पत्र लिखकर अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायत अहिमलापुर के मजरा जिंदापुर निवासी बिजनेस कुमार ने वर्ष 2021 से 2025 तक कराए गए विकास कार्यों में 40 लाख रुपये का गबन करने का आरोप लगाकर डीएम से शिकायत की थी। कहा कि मनरेगा के कार्यों सहित कुल 74 लाख का घपला है। इस पर डीएम ने 16 अप्रैल को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इस बीच प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने से उन्हें प्रशासक नियुक्त कर दिया गया।
चार माह बीतने के बावजूद ग्राम पंचायत सचिव ने जांच के लिए पत्रावली ही नहीं दी। इसके अभी तक जांच लटकी है। डीपीआरओ अविनाश चौरसिया ने बताया कि उन्होंने बीडीओ को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत सचिव अमित शुक्ला द्वारा विकास कार्यों व भुगतान संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। यदि सचिव द्वारा तीन दिन में अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो सचिव के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।