फर्रुखाबाद। करीब 13 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफटीसी प्रथम संजय कुमार की अदालत ने आरोपी सुनील को दोषी करार दिया है। अदालत सजा के बिंदु पर 25 सितंबर को सुनवाई करेगी।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव महलई निवासी वृंदावन ने 17 मई 2013 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि उनका पुत्र गिरीश दिल्ली में वाहन चालक की नौकरी करता था। गांव का सुनील नोएडा की एक फैक्टरी में काम करता था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच 15 मई 2013 को विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर 16 मई की रात करीब 11 बजे सुनील, उसका भाई अवनीश और पिता रामनिवास घर पहुंचे। उस समय उसकी पुत्री सपना घर में सो रही थी। आरोपियों ने दीवार की आड़ से सपना की कमर के नीचे बाएं पैर की जांघ में गोली मार दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। जांच पूरी होने के बाद सुनील के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सुनील को दोषी ठहराया।