शिक्षामित्र के चयन में गड़बड़ी की शिकायत पर केबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक साल पहले महानिदेशक बेसिक शिक्षा से सिफारिश की थी। एक वर्ष बाद जांच के लिए बीएसए के पास आदेश आया है। अब जांच शुरू की गई है।
नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव तुर्कललैया निवासी रीना शाक्य ने श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को फरवरी 2020 में शिकायतीपत्र भेजा था। इसमें कहा कि ग्राम शिक्षा समिति ने प्राथमिक विद्यालय नगला टीना में वर्ष 2015 में शिक्षामित्र चयन में गड़बड़ी की है।
रीना का आरोप था कि वरीयता सूची में उनका नाम पहले नंबर पर था लेकिन चयन रीता गंगवार का कर लिया गया। मंत्री ने 12 फरवरी को महानिदेशक बेसिक शिक्षा को कमेटी से जांच कराने सिफारिश की थी। जांच के लिए अब पत्र आया है।
एडीबेसिक केसी भारती ने बीएसए को जांच कर आठ फरवरी तक आख्या देने का आदेश दिया है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि जांच की जाएगी।