फर्रुखाबाद। उपसंभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) दफ्तर में बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे इंटरनेट कनेक्टिविटी फेल हो गई। इससे नए लाइसेंस, नवीनीकरण और उपयोगिता जांच के लिए समय निर्धारित आवेदक परेशान रहे। दूरदराज से आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दो बजे कनेक्टिविटी बहाल होने पर पहले काम कराने को लेकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ।
दफ्तर खुलते ही इंटरनेट ठप होने से कामकाज पूरी तरह से रुक गया। लाइनों में लगे लोग फर्श पर बैठ गए और सही जवाब न मिलने पर आक्रोशित हो उठे। आवेदकों का गुस्सा देख खिड़कियों पर बैठे कर्मचारी ताला लगाकर खिसक गए। दो बजे कनेक्टिविटी बहाल होने पर पहले काम कराने को लेकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। कुछ कर्मियों ने सभी का काम होने तक दफ्तर खुला रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और देर शाम तक काम चलता रहा। एआरटीओ कृष्ण कुमार ने बताया कि इंटरनेट फेल होते ही तकनीकी टीम को लगाया गया। उन्होंने आगे वैकल्पिक इंटरनेट व्यवस्था करवाने की बात भी कही।
एआरटीओ दफ्तर में रोजाना सौ नए लाइसेंस के लिए समय निर्धारित होता है। बृहस्पतिवार को भारी और हल्के वाहनों के लिए भी अलग-अलग समय निर्धारित थे। लाइसेंस पत्रावली जांच के बाद फोटो खिंचवाने को खिड़कियों पर लंबी कतारें लगी थीं। दोपहर 12 बजे तक संतोषजनक जवाब न मिलने पर आवेदकों का गुस्सा बढ़ गया। आक्रोश को देखते हुए कर्मचारी अपने खिड़कियों पर ताला लगाकर चले गए।
डेटाबेस प्रशासक पर लापरवाही का आरोप
तकनीकी सेवाएं दुरुस्त रखने के लिए डेटाबेस प्रशासक (डीबीए) राजन तैनात हैं। दोपहर डेढ़ बजे इंटरनेट फेल होने पर डीबीए ने मशीन फुंकने की बात कही। उन्होंने बताया कि नई मशीन आने के बाद कनेक्टिविटी चालू होगी। कार्यालय सूत्रों के अनुसार दिक्कत यूपीएस में थी, पर इसे खराब मशीनरी बताया गया। डीबीए की इस लापरवाही का खामियाजा सैकड़ों लोगों को भुगतना पड़ा।