यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापक और शिक्षकों की लापरवाही से सात अप्रैल को होने वाला पेपर चार दिन पहले ही खोल कर बांट दिया गया। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। डीआईओएस ने सचलदल प्रभारी को जांच के लिए परीक्षा केंद्र पर भेजा। कार्रवाई के लिए बोर्ड को पत्र लिखा है।
सोमवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट में गणित प्रथम प्रशभनपत्र विषय की परीक्षा थी। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के श्रीसीताराम पाल इंटर कालेज चंपापुरी मदनपुर में केंद्र व्यवस्थापक हर्षकुमार, सहायक केंद्र व्यवस्थापक आलोक कुमार, शिक्षक संतोष कुमार व लाल बिहारी की मौजूदगी में सात अप्रैल को होने वाला इंटर का गणित द्वितीय प्रशभनपत्र का पेपर का पैकेट खोल कर परीक्षार्थियों में बांट दिया गया।
कमरों में बैठे छात्रों ने जब पेपर देखा तो कक्ष निरीक्षक से गणित द्वितीय प्रश्नपत्र का पेपर मिलने की बात बताई। इसकी सूचना कक्ष निरीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापक को दी। केंद्र व्यवस्थापक ने आनन फानन में परीक्षार्थियों से पेपर वापस लेकर अपने पास रखे। इसके बाद तत्काल गणित प्रथम प्रशभनपत्र का बंडल खोलकर सही पेपर बंटवाया गया। केंद्र व्यवस्थापक ने गलती से 7 अप्रैल की परीक्षा का पेपर खुल जाने की सूचना डीआईओएस कार्यालय को दी।
डीआईओएस कमलेश बाबू ने बताया कि वह छुट्टी पर हैं। सचल दल प्रभारी एपी सिंह को जांच के लिए परीक्षा केंद्र पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गणित द्वितीय प्रश्नपत्र का परचा खुलकर बंट जाने की सूचना बोर्ड को भेज दी गई है। सचल दल प्रभारी एपी सिंह ने बताया कि जांच में केंद्र व्यवस्थापक समेत चारों शिक्षकों की लापरवाही परिलक्षित होती है। रिपोर्ट डीआईओएस को भेज दी गई है।