फर्रुखाबाद। इंटरमीडिएट में फेल होने से दुखी एक छात्रा ने जहर पी लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां बिना पर्चा बनाए ही उसका इलाज शुरू कर दिया गया। इस गंभीर लापरवाही का खुलासा रविवार सुबह हुआ जब अस्पताल स्टाफ ने जांच की।
कायमगंज थाना क्षेत्र के चरन नगला गांव निवासी छब्बर पाल की 18 वर्षीय पुत्री प्रियंका ने इंटर की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम आने पर वह फेल हो गई जिससे परेशान होकर उसने घर में रखी मूंगफली की फसल में डालने वाली दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर परिजन ने पहले दो दिन निजी डॉक्टर से इलाज कराया। शनिवार शाम को उसे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। यहां अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना किसी पर्चे या बेड हेड टिकट (बीएचटी) के ही उसे ड्रिप लगाई और इंजेक्शन दिए। इसके बाद उसे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। रविवार सुबह वार्ड स्टाफ ने जांच की तो पता चला कि प्रियंका का कोई रिकॉर्ड नहीं बना है। इसके बाद पिता ने इमरजेंसी में जानकारी दी। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभय श्रीवास्तव ने पर्चा और बीएचटी बनवाकर छात्रा को विधिवत भर्ती किया और इलाज शुरू किया।
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बिना पर्चा बनाए न तो कोई मरीज भर्ती हो सकता है और न ही उसका इलाज किया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ है तो वह इसकी गहन जांच कराएंगे। लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण तलब करने की बात कही है। -डॉ. जगमोहन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक