स्वॉट टीम व अमृतपुर थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान में अंतरजनपदीय दो लूट के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनसे चार लाख रुपये कीमत के लूट के गहने व घटना में प्रयुक्त दोनों बाइकें भी बरामद हुई हैं। दोनों आरोपियों ने फर्रुखाबाद जनपद के अलावा हरदोई, एटा, बदायूं में कई घटनाओं को अंजाम दिया है। गिरोह का सरगना अभी हाल में ही जेल से छूटा था। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
बुधवार शाम स्वॉट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित व अमृतपुर एसओ सुरेंद्र सिंह यादव को सूचना मिली कि बाइकर्स गैंग के लुटेरे घटना के इरादे से बदायूं मार्ग से ताजपुर पुलिया पर आने वाले हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर चेकिंग में दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि पकड़े आरोपियों के नाम सरगना बृजेश राजपूत निवासी नगला खुरू थाना जहानगंज और सचिन पाल निवासी लखनपुर कायमगंज हैं।
पुलिस ने इनसे दो तमंचे और छह कारतूस बरामद किए। आरोपियों ने हरदोई, एटा, बदायूं व फर्रुखाबाद में लूट की 19 वारदातें स्वीकारीं। लुटेरों की निशानदेही पर पुलिस ने लूट के चार लाख रुपये के गहने और घटना में प्रयुक्त दोनों बाइकें भी बरामद कर लीं। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने पुलिस लाइन सभागार में सभी घटनाओं का खुलासा किया।
एसपी ने बताया कि इन लोगों ने मार्निंग वाक पर निकली दो महिलाओं से सात सितंबर को चेन लूटी थीं। सर्विलांस के जरिए इनकी खोजबीन शुरू की गई। टीम ने कड़े प्रयास के बाद लुटेरों को दबोच लिया। खुलासे पर आए पीड़ितों ने आरोपियों की शिनाख्त की। सरगना बृजेश राजपूत हाल में ही जेल से जमानत पर छूटा हैं। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी मन्नी लाल गौड़, सीओ अमृतपुर राजवीर सिंह मौजूद रहे।
पकड़े गए आरोपियों ने अमृतपुर थाना क्षेत्र में बदायूं निवासी शीलम पत्नी बृजेश कुमार से 10 सितंबर को लूट की थी। चार सितंबर को एटा जिले के लुहारी दरवाजा निवासी आकाश को लूट लिया था। सात सितंबर को दशमेश कालोनी निवासी संध्या मिश्रा पत्नी आनंद मिश्रा की ठंडी सड़क पर चेन लूट ली थी।
इन्हीं लुटेरों ने 9 सितंबर को फतेहगढ़ कोतवाली के न्यू इंदिरा कालोनी निवासी रिटायर्ड एसडीओ की पत्नी से मार्निंग वाक पर जाते समय चेन लूट ली थी। इसी दिन सोना जानकीपुर गांव थाना नवाबगंज निवासी रामशरण का रुपये से भरा थैला लूट लिया था। छह सितंबर को लुटेरों ने शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव फरीदपुर सैदवाड़ा निवासी निर्मला पत्नी रमेश चंद्र से लूट की थी।
बृजेश पर 25 व सचिन पर 7 मुकदमे दर्ज
पकड़े गए शातिर बृजेश पर हरदोई, एटा, बदायूं व जिले में गंभीर धाराओं में 25 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर के मुकदमे भी दर्ज थे। आसपास के जिले में इसकी फोटो और आपराधिक रिकार्ड भेजा जा रहा है। इन जिलों के पुलिस अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। सचिन पर एटा और जिले में सात मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपी बृजेश व सचिन लूट के लिए बाइकें बदल लेते थे। जमानत में बृजेश के काफी रुपये खर्च हो गए थे। इससे जेल से छूटने के बाद इन लोगों ने लगातार एक के बाद एक घटना को अंजाम दिया। जेल में एक साथी ने बृजेश की सचिन से मुलाकात कराई थी। घटना के बाद दोनों पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर रखते थे और कभी-कभी बिरियाहार में किराए के मकान पर रुक जाते थे। बृजेश एक रिश्तेदार के नलकूप पर रात में ठहरता था। यह लोग सुबह मार्निंग वॉकर महिलाओं को निशाना बनाते थे। पुलिस की भनक लगने पर रूट बदल लेते थे।
जिले में लूट की घटनाएं लगभग दस से बारह दिन पहले हुई थीं। पुलिस ने किसी मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया था। जब पुलिस ने लुटेरों को दबोच लिया तो अचानक सभी थानों में पीड़ितों को घर से बुलाकर मंगलवार रात व बुधवार को मुकदमे दर्ज कर लिए।
लूटे गए माल की बरामदगी में बड़ा खेल है। टीम ने दो सर्राफ भी इस प्रकरण में हिरासत में लिए गए। इनको पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। सूत्रों की मानें तो उन सराफा दुकानदारों को छोड़ने के एवज में लूट की बरामदगी का माल जुटवाया गया। टीम के प्रभारी और एसपी दावा कर रहे हैं कि लूट का माल बृजेश के किराए वाले मकान से बरामद किया गया है। कुछ जेवर कहीं बेचे गए हैं। इसके बारे में अभी छानबीन चल रही है।