फर्रुखाबाद। नवसाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए रविवार को जिले में कराई गई परीक्षा में अव्यवस्थाएं रहीं। कहीं बोर्ड में तिथि गलत लिखी थी। तो कहीं पर निरक्षरों की जगह पढ़े-लिखे छात्र-छात्राओं ने परीक्षा देकर खानापूरी की। कई जगहों पर प्रेरक अनुपस्थित थे। एक सेंटर बंद था।
हालांकि विभाग का दावा है कि जिले में 512 ग्राम लोक शिक्षा केंद्रों पर साक्षर किए गए तकरीबन 42, 664 लोगों ने सातों विकास खंडों में परीक्षा दी। यहां साक्षरता का लक्ष्य 50,400 रखा गया था।
बढ़पुर विकास खंड में 3353 लोगों ने भाग लिया। इसमें 1964 महिलाएं और 1389 पुरुष शामिल हुए।
नवाबगंज में 5378 लोगों ने परीक्षा में भाग लिया। इनमें 2845 महिलाएं और 2733 पुरुष, कायमगंज में 7600 लोगों ने भाग लिया, जिनमें 4507 महिला, 3040 पुरुष, राजेपुर में 6856 साक्षरों ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें 4821 महिला, 2035 पुरुष शामिल थे।
मोहम्मदाबाद में 7680 लोग परीक्षा में शामिल हुए। जिनमें 5143 महिला और 2537 पुरुष थे। शमसाबाद में 3838 ने परीक्षा दी। कमालगंज में 7559 ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें 5022 महिला और 2537 पुरुष शामिल हैं। कुल 42, 664 निरक्षरों ने परीक्षा देकर अपने आप को साक्षर श्रेणी में दर्ज कराया।
बढ़पुर विकास खंड में 3800, नवाबगंज में 5600, कायमगंज में 7700, राजेपुर में 7200, शमसाबाद में 7800, कमालगंज में 9700 और मोहम्मदाबाद विकास खंड में 8200 कुल 50400 निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए परीक्षाएं आयोजित की गई थीं।
इन्हें कागजी खानापूरी करके पूरा कर लिया गया है। जिला समन्वयक के अनुसार मोहम्मदाबाद में बनकटी परीक्षा केंद्र बंद मिला। मदनपुर में बबली और दुल्लामई में सुमन मौर्या, बीसलपुर में तन्नो अनुपस्थित पाई गईं।