फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने शुक्रवार को राजस्व वसूली की समीक्षा की। कम वसूली पर अधिकारियों को फटकार लगाई। कायमगंज मंडी निरीक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए। सातनपुर मंडी सचिव के न पहुंचने पर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा।
जिलाधिकारी डॉ.वीके सिंह को बैठक में बताया गया कि व्यापारियों ने एक करोड़ 18 लाख का माल प्रदेश से बाहर भेजा है। इससे राजस्व घट गया है। इस पर डीएम ने कहा कि कायमगंज, कमालगंज व मोहम्मदाबाद क्षेत्र में हो रही टैक्स चोरी रोकने में प्रवर्तन विभाग नाकाम रहा। उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाए। आबकारी विभाग को ताड़ी में मिलावट रोकने के लिए कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिले में हो रही डग्गामारी में परिवहन विभाग की मिलीभगत की पूरी आशंका है। उन्होंने डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सातनपुर मंडी सचिव के अनुपस्थित होने व अर्रापहाड़पुर मंडी में अवैध वसूली के संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। कमालगंज मंडी में लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली मिली। कायमगंज मंडी की रिपोर्ट से संतुष्ट न होने पर जिलाधिकारी ने मंडी निरीक्षक को निलंबित करने के लिए पत्र लिखने व कर चोरी के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बालू के अवैध खनन पर खनन निरीक्षक की क्लास लगाई। कहा कि जब जिले में सबकुछ ठीक चल रहा है, तो आपकी तैनाती की जरूरत क्या है।
सही जवाब न मिलने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम, पुलिस व खनन अधिकारी की संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट तलब की है। एक करोड़ 28 लाख लक्ष्य के सापेक्ष मात्र दो लाख रुपये राजस्व वसूली पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच के निर्देश दिए। कहा कि कानून व्यवस्था बिगड़ने पर एसडीएम व तहसीलदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो मिसाल बनेगी। लेखपालों के कार्यों की गहनता से जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करें।
अवैध कब्जे व अतिक्रमण की सभी शिकायतों का निस्तारण किया जाए। शहर के मार्गों पर डिवाइडर व पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। तहसील की कोई आर्डरशीट बिना हस्ताक्षर के न मिले। निर्णय कारणयुक्त होना चाहिए। एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एसडीएम आदि मौजूद रहे।