कमालगंज। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यों का सोशल आडिट करने के लिए बुधवार को 13 ग्राम पंचायतों में दो सदस्यीय आडिट टीमें भेजी गई। कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा से संबंधित सात प्रकार के रजिस्टर में एक भी रजिस्टर आडिट टीम को नहीं दिखाया गया। वहीं अजीजलपुर ग्राम पंचायत में हुए कार्य का मस्टर रोल ही उपलब्ध नहीं मिला।
हर सप्ताह 25 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों का सोशल आडिट कराया जाता है। शुक्रवार को 12 व बुधवार को 13 ग्राम पंचायतों में आडिट किया जाता है। बुधवार को अजीजलपुर में आडीटर राजपाल व रमाकांती पहुंचीं तो सचिव और रोजगार सेवक नाजिम खां अनुपस्थित मिले। भोजापुर मार्ग से जहांगीरपुर की सीमा तक नाला खुदाई व सफाई कार्य का मस्टर रोल उपलब्ध नहीं मिला। निवर्तमान प्रधान सायरा के पति रिफाकत हुसैन ने कहा कि उन्हें इस मस्टर रोल की जानकारी नहीं है। बहोरिकपुर में 459 पंजीकृत मनरेगा श्रमिकों में 123 ही क्रियाशील मिले। मनरेगा के रजिस्टर पूर्व सचिव विजेता के पास बताए गए। अभयपुर में भी रजिस्टर नहीं मिले। रोजगार सेवक ने कहा कि सचिव के पास रजिस्टर हैं। आलूपुर पहुंचे आडीटर श्यामौतार मिश्रा को भी रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिले। बंदरखेड़ा ग्राम पंचायत में आडीटर अरविंद शर्मा ने रोजगार सेवक से बात की तो उसने कहा कि वह इस पंचायत से संबद्ध है। अभिलेख नहीं बनाए गए। वहीं, खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि आडिट रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।