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Farrukhabad News: पति से विवाद पर पड़ोसी को सौंपा मासूम बेटा, एक माह बाद फिर लिया वापस

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नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। प्रेम विवाह करने वाली महिला ने पति से विवाद के बाद मासूम बेटे को गाजियाबाद में अपने पड़ोसी को दे दिया। फिर पति से संबंध ठीक होने पर अपनी मां के खिलाफ बच्चे को गायब करने की तहरीर दी। अब गाजियाबाद की महिला को थाने आकर बच्चे को सौंपना पड़ा।
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गांव बलीपुर की रश्मि देवी ने पड़ोसी गांव खलवारा के रंजीत सिंह के साथ दो वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था। रश्मि के घर वालों ने इसका काफी विरोध किया। वहीं, रश्मि अपने पति के साथ गाजियाबाद में रहने लगी। आरोप है कि रंजीत शराब पीकर रश्मि के साथ मारपीट करता था। दो माह पहले मायके वालों ने रश्मि को घर बुला लिया और उसे दूसरा विवाह करने के लिए राजी कर लिया।
रश्मि ने अपने 11 माह के बेटे सार्थक को एक महीने पहले गाजियाबाद में पड़ोस में रहने वाली नेहरू नगर की डाॅक्टर वाली गली निवासी सविता जैन को लिखा पढ़ी कर गोद दे दिया। सविता जैन ने उसका नाम कार्तिक रख। सविता के पति काफी समय से बीमार हैं और उनके कोई पुत्र नहीं है।
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इस बीच रश्मि फिर अपने पति से फोन पर बात करने लगी। शुक्रवार को रश्मि पति के साथ नवाबगंज थाने पहुंची और अपनी मां के खिलाफ बच्चा गायब करने की तहरीर दे दी। पुलिस ने रश्मि की मां से पूछताछ के बाद सविता जैन से फोन पर बात की और बच्चे को थाने लेकर आने को कहा।
शनिवार शाम सविता जैन बच्चे को लेकर नवाबगंज थाने पहुंचीं। वहां पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन की जिला कोऑर्डिनेटर डॉ. रीना दुबे और उनके सहायक अमित शुक्ला को फोन कर जानकारी दी। चाइल्ड हेल्पलाइन के दोनों पदाधिकारी नवाबगंज थाने पहुंचे और रश्मि एवं सविता जैन से लिखित में बयान दर्ज करके बच्चा रश्मि के सुपुर्द कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि रश्मि एवं उसकी मां की सहमति से बच्चा सविता जैन को दिया गया था। मां रश्मि की दूसरी जगह शादी करना चाहती थी। इससे बच्चे को सविता जैन को पालने के लिए दे दिया था।
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