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अफसरों के सामने कैदियों ने सुनाया दुखड़ा

Thu, 30 Mar 2017 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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सेंट्रल जेल से निरीक्षण कर आते जिला जज आलोक सक्सेना, डीएम प्रकाश बिंदु। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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केंद्रीय कारागार में गुरुवार को अफसरों ने कैदियों की पीड़ा सुनी और जेल अफसरों को सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान कैदियों ने बताया कि तीन माह से साबुन और तेल नहीं दिया जा रहा है। खाना खाने से पूर्व हाथ धोने के लिए साबुन भी नहीं है। यह सुनकर जिला जज और डीएम ने जेल अधीक्षक से नाराजगी जताई।  
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केेंद्रीय कारागार में जिला जज आलोक सक्सेना, सीजेएम अनुतोष शर्मा, डीएम प्रकाश बिंदु और एसपी सुभाष सिंह ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान कैदियों के लिए रोटी बनाने वाले स्थान की स्थिति अफसरों को तीन माह पहले जैसी ही मिली। कैदियों के लिए रोटी बनाने के लिए आटा गूदा जा रहा था।

जिला जज ने आटा देखा तो उसकी गुणवत्ता खराब दिखी। इसके बाद अफसरों ने कैदियों की समस्याएं सुनी। इस दौरान कैदियों के समस्याएं बताने पर सेंट्रल जेल अधीक्षक वेद प्रकाश त्रिपाठी बीच में बोलने लगे। यह देखकर जिला जज ने अधीक्षक से नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण में जो कमियां मिली हैं उनको सुधारने के निर्देश दिए गए है। बंदियों के पास से कोई भी अवैध सामग्री नहीं मिली। निरीक्षण आख्या शासन को भेजी जाएगी।
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30 नवंबर 2016 को अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण में हौज गंदा मिलने पर जिला जज ने सफाई कराने और स्टील का कवर चढ़वाने या आटा गूंदने की मशीन मंगवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। लेकिन जेल प्रशासन ने उसको नजर अंदाज कर दिया।

जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि जिला जेल व सेंट्रल जेल में शिकायत पेटिका स्थापित की जाएगी। इसके ताले की चाबी डीएम कार्यालय में रहेगी। कोई भी बंदी अपनी समस्या इस पेटिका में डाल सकेगा। समय-समय पर शिकायत पेटिका का ताला खोलकर शिकायती पत्रों का संकलन कराकर समाधान कराया जाएगा।
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