मदरसों में पढ़ाई नहीं होती है। यहां नकल के सहारे डिग्रियां बांटी जाती
हैं। इसका जीता जागता उदाहरण मदरसों में चल रही परीक्षाओं में हो रही नकल
से देखने को मिल रहा है। यहां ब्लैकबोर्ड पर हर सवाल का उत्तर लिखा जा रहा
है। अफसर बेफिक्र हैं और नकल विहीन परीक्षा केवल कागजों पर हो रही है।
जिले
में 16 केंद्रों पर मदरसों की परीक्षाएं चल रही हैं। देखा जा रहा है कि
किसी केंद्र पर परीक्षार्थी किताब से नकल कर उत्तर लिख रहे हैं तो कहीं
ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नों को हल कर नकल कराई जा रही है। सोमवार को प्रथम
पाली की परीक्षा में कई केंद्रों पर ब्लैक बोर्ड पर उत्तर लिखे देखे गए।
कमाल यह कि अफसरों की नजरों में नकल विहीन परीक्षाएं हो रही हैं। नकल रोकने
के लिए लगाए गए स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों पर नजर नहीं आते हैं।
उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने में भी मनमानी
मदरसा गुलसन
मखदूम को संकलन केेंद्र बनाया गया है। कई परीक्षा केंद्र उत्तर पुस्तिकाओं
को जमा करने में मनमानी कर रहे हैं। यह प्रतिदिन होने वाली परीक्षाओं की
उत्तर पुस्तिकाएं संकलन केंद्र पर जमा नहीं करते हैं। उत्तर पुस्तिकाएं
दूसरे दिन जमा की जाती हैं। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को
शिकायत मिली है।
मदरसा परीक्षा में नकल नहीं हो रही है।
निरीक्षण के दौरान नकल होती नहीं मिली। स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की जिलाधिकारी
ने तैनाती की थी। इनको आदेश भी भेज दिया गया। अगर वह नहीं जाते है तो इसकी
जानकारी डीएम को दी जाएगी। संकलन केंद्र पर उत्तर पुस्तिकाओं के प्रतिदिन
जमा न होने की जानकारी मिली थी। इस संबंध में सभी परीक्षा केंद्र मदरसों को
कापियां सील कर संकलन केंद्र पर प्रतिदिन परीक्षा के बाद जमा करने के आदेश
दिए हैं। -छोटे लाल, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी