जलस्तर बढ़ने से हरसिंहपुर कायस्थ गांव में कटान करती गंगा। संवाद
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अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा में पानी छोड़े जाने से तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गया है। शमसाबाद के गांव अचानकपुर में करीब 12 ग्रामीणों के खेत कटने से पानी में समा गए हैं। अमृतपुर के गांव हरसिंहपुर कायस्थ में छह ग्रामीणों के मकान पर कटान से खतरा मंडराने लगा है।
नरौरा बांध से गंगा में 8 हजार 872 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। इससे गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गया। शमसाबाद के गांव अचानकपुर में ग्रामीणों के खेत गंगा की चपेट में आने से तेजी से कटने लगे है। गंगाराम, मुकेश, बाजीलाल, नेतराम, रामकिशोर, राम सहाय, रामफल, प्रताप सिंह समेत 12 लोगों के आठ से दस बीघा खेत कटाने की चपेट में आने से गंगा में समा गए हैं। इससे गांव के लोग परेशान है।
संवाद न्यूज एजेंसी अमृतपुर के अनुसार, तटवर्ती गांव चाचूपुर, गौटिया, भाऊपुर चौरासी, लायकपुर, कंचनपुर सबलपुर, हरसिंहपुर कायस्थ में कटान तेज हो गया है। हरसिंहपुर कायस्त के नरेंद्र कुमार, हरिराम, रामशरन, रामभजन, रामचंद्र, सुधीर कुमार के मकान तक कटान पहुंच गया है। इससे इनके मकानों के कटने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी प्रकार कटान होता रहा तो उनको अपने मकान खुद तोड़ने होंगे। एक्सईएन सिंचाई सुशील कुमार सिंह ने बताया कि नहरों की सिल्ट हटाने का काम चल रहा है। इस कारण नहरों में जाने वाला पानी बंदकर दिया गया है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।