फर्रुखाबाद। रविवार को आए केंद्रीय बजट को लेकर कारोबारी से लेकर उद्योगपति अनिश्चितता में हैं। हालांकि जैसे-जैसे बजट में हुईं व्यवस्थाओं को समझ रहे हैं, तो आने वाला दिन अच्छा महसूस करने की बात बताते हैं। मसलन कुरियर से माल भेजने और मंगाने की लिमिट बढ़ने से लॉजिस्टिक खर्च में कमी आना तय है। इससे कच्चे और तैयार माल को लाने और भेजने में आसानी होगी। यही नहीं आयात शुल्क में भी आधी कटौती कर दी गई है। ऐसे में आने वाले समय में इलेक्ट्रानिक और क्रॉकरी के सामान की कीमतें घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
छोटे उद्यमी सीधे भेज सकेंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माल
कपड़ा छपाई उद्यमी अखिलेश्वर नारायण साध कहते हैं कि कुरियर से सीधे अंतरराष्ट्रीय बिक्री के रास्ते खुलने से छोटे और मध्यम कपड़ा उद्यमी अपने उत्पाद जैसे स्कार्फ, स्टॉल, लेडीज गारमेंट्स, फैशन वस्त्र, डिजाइनर आउटफिट्स आदि को सीधे भेज सकेंगे। यह ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस बेचने वालों के लिए बहुत सरल और सस्ता तरीका है। इससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और पारंपरिक कागजी समेत अन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे कपड़ा ब्रांडों का काम ज़्यादा आसान होगा। कपड़ा उद्यमी अपने ग्राहकों तक तेज डिलीवरी और बेहतर सेवा दे पाएंगें।
कस्टम ड्यूटी घटने से कम होंगे इलेक्ट्रानिक्स व क्रॉकरी के दाम
इलेक्ट्रानिक व क्रॉकरी के बड़े कारोबारी हिमांशु मिश्रा कहते हैं कि सरकार ने निजी उपयोग के लिए विदेश से आयात किए जाने वाले सामानों पर कस्टम ड्यूटी को आधा कर दिया। अब 20 की बजाय 10 प्रतिशत लगेगी। इससे विदेश से आयात छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स और कुछ क्रॉकरी सामान की कीमतें घटेंगी। मांग बढ़ेगी, तो व्यापारी फायदे में होगा। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरूरी इनपुट जैसे टीवी और माइक्रोवेव के घटक पर सस्ती या शून्य कस्टम ड्यूटी रहेगी। इससे घरेलू निर्माण की लागत कम होगी। कस्टम ड्यूटी स्लेब को सरल और कम किया गया है। आने वाले दिनों में छोटे और मध्यम व्यापारियों का बोझ कम होगा।