फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का काम अब तक अधूरा है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में एनएचएआई अधिकारियों को कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ।
फरवरी में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने हाईवे की बदहाल व्यवस्थाओं की जांच के लिए समिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हाईवे निर्माण के दो वर्ष बाद भी स्ट्रीट लाइटें शुरू नहीं हुईं। ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम भी अधूरे पड़े हैं। मंत्री के सामने प्रकाश व्यवस्था न होने, जंक्शन विकास लंबित रहने और रेलिंग क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें रखी गई थीं। उन्होंने तत्काल कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे।
पांचाल घाट और मसेनी चौराहा स्थित ब्लैक स्पॉट पर साइनेज बोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्पीड लिमिट बोर्ड अभी भी नहीं लगे हैं। हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि दो वर्ष में ही सड़क पर दरारें पड़ने लगी हैं।
एनएचएआई के साइट इंजीनियर विश्वास मिश्रा ने बताया कि हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें जल्द चालू होंगी। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट की अधिकांश कमियां दूर कर दी गई हैं। पांचाल घाट और मसेनी चौराहा के ब्लैक स्पॉट पर शेष कार्य भी जल्द पूरा कराया जाएगा। सड़क की मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।