राजेपुर ब्लाक से हटाए गए इंसीनरेटर
फर्रुखाबाद। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगने वाले इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद जिम्मेदारों के गले की फांस बन गई है। सोमवार को राजेपुर ब्लाक में रखे इंसीनरेटर हटवाकर सचिव ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिए हैं। यह इंसीनरेटर फिरोजाबाद से मंगवाए गए हैं।
ग्राम पंचायतों से आपरेशन कायाकल्प के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। शौचालय में इंसीनरेटर लगवाने के आदेश हैं। इसमें जिम्मेदारों ने इंसीनरेटर बनवाने के बजाय फिरोजाबाद की फर्म से थोक में मंगाकर ब्लाकों में रखवा दिए। कमालगंज ब्लाक के स्ट्रांग रूम में भाजपा नेताओं ने 30 जुलाई को इंसीनरेटर रखे पकड़ लिए थे। इसी के बाद खेल से पर्दा उठ गया।
सोमवार शाम राजेपुर ब्लाक में रखे इंसीनरेटर भी हटवा दिए गए। इसमें क्षेत्र के ही एक प्रधान से उनकी कार मांगी गई और उसी से ग्राम पंचायत सचिव ने करीब 36 इंसीनरेटर ठिकाने लगा दिए। एक इंसीनरेटर प्रधान के घर में रखवाया गया है। प्रधान का कहना है कि उनसे गाड़ी मांगी गई तो उन्होंने दे दी। एक इंसीनरेटर स्कूल में लगवाने को उन्होंने घर में रखवा लिया है।
खास बात ये है कि जनपद में 150 से अधिक ग्राम पंचायतों से इंसीनरेटर का 8600 रुपये की दर से भुगतान किया जा चुका है। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर चुके हैं। जांच कमेटी में शामिल प्रभारी बीडीओ शमसाबाद व बढ़पुर के क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में भी इंसीनरेटर का समान भुगतान हो चुका है।
राजेपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत सचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि इंसीनरेटर हटवाने के संबंध में वह कुछ नहीं बताएंगे, बीडीओ ही जानकारी देंगे। बीडीओ श्रीप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि इंसीनरेटर के बारे में वह बहुत कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने सेंट्रलाइज खरीद के सभी भुगतान रोकने के आदेश कर दिए हैं। एक ही फर्म से खरीदे गए इंसीनरेटर का भुगतान नहीं किया जाएगा।