फर्रुखाबाद। आलू की मंदी से किसानों की कमर टूट रही है। तीन दिनों में आलू का भाव तीन सौ रुपये पैकेट (50 किलो) तक गिर गया है। मंडी में आलू की आवक बढ़ने और लोडिंग के लिए गाड़ियां न मिलने से यह नौबत बनी है। आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा ने आलू किसानों की समस्या संसद में उठाने की मांग की।
सातनपुर आलू मंडी में रविवार को आलू का भाव लुढ़क कर 251 से 291 रुपये पैकेट पर आ गया। लगातार तीन दिन से गिर रहे आलू के भाव को देखकर किसान के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा का कहना है कि चुनाव में ट्रकों के लगने और मंडी में आलू की आवक बढ़ने से भाव गिर रहा है। आलू को बाहर भेजने के लिए दूसरे जनपदों से ट्रकों को मंगाना पड़ रहा है।
आलू किसानों की समस्या को सांसद मुकेश राजपूत को संसद में उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल, बिहार के लिए ट्रेन की वैगन बुक करवाने पर भाड़ा 67 रुपये है। ट्रक से लोडिंग होने पर यही भाड़ा 250 रुपये हो जाता है। आलू किसान भाव न मिलने के कारण दिवालिया होने की कगार पर हैं। लोडिंग के लिए ट्रक न मिलने पर आलू का भाव और गिरने की आशंका है।