Supreme Court hearing on Saturday
- फोटो : Getty Images
विशेष अदालत ईसीएक्ट के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने हत्या के मुकदमे में आरोपी को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अन्य दो आरोपियों को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त किया है।
कमालगंज थानाक्षेत्र के गांव नौसारा खेम रंगाई निवासी लाखन सिंह अपने भाई रघुवीर सिंह के साथ 26 दिसंबर 2006 को खेत पर जा रहे थे। मुकदमेबाजी की रंजिश में गांव के भूरे सिंह, दीपक और अखिलेश ने दोनों लोगों को घेर लिया और मारपीट करने लगे। विरोध करने पर गोली चला दी।
गोली लगने से रघुवीर सिंह घायल हो गए, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट लाखन सिंह ने तीनों हमलावरों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने आरोपी अखिलेश को हत्या के जुर्म में दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये जुर्माना किया। जानलेवा हमले के जुर्म में दोषी पाकर पांच साल की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये जुर्माना किया। दोनों सजाएं एक साथ में चलाने का आदेश दिया है। आरोपी भूरे सिंह और दीपक को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया है।