जूनियर स्कूल के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा एक सपना साबित हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग से खरीदे गए कंप्यूटर स्कूल तक पहुंचने के बाद फिर गायब हो गए। इसके साथ ही तैनात किए गए अनुदेशकों को भी साहब ने अपनी सेवा में लगा लिया। इससे स्कूलों में न कंप्यूटर हैं और न ही अनुदेशक।
तहसील क्षेत्र के पांच स्कूलों में अनुदेशकों की तैनाती के साथ एक वर्ष पूर्व चार कंप्यूटर खरीदे गए। कंप्यूटर जब स्कूल पहुंचे तो बच्चे कंप्यूटर सीखने का सपना देखने लगे। कुछ दिन तो डिब्बों में बंद कंप्यूटर उम्मीद जगाए रहे। इसके बाद साहब का फरमान आया तो कंप्यूटर स्कूल से उठकर कार्यालयों में पहुंच गए।
और तो और अनुदेशक भी कार्यालयों से संबद्ध कर दिए गए। इससे बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा दूर की कौड़ी हो गई। हालांकि एक स्कूल में अनुदेशक की अभी भी तैनाती है, लेकिन वहां कंप्यूटर पहुंचे ही नहीं जबकि एक स्कूल में कंप्यूटर अभी भी डिब्बे में पैक है। वहां अनुदेशक की तैनाती नहीं है।
इन स्कूलों के लिए खरीदे गए कंप्यूटर
राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल राजेपुर, दौलतपुर चकई, कड़क्का, मोकुलपुर के लिए एक वर्ष पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग से कंप्यूटर खरीदे गए। ये कंप्यूटर स्कूल पहुंचने के बाद फिर उठवा लिए गए।
जूनियर हाईस्कूल दौलतपुर चकई व कड़क्का में अभी भी मौजूद हैं, लेकिन बच्चों को कोई सिखाने वाला नहीं है। जूनियर हाईस्कूल अमैयापुर में अनुदेशक शिवम श्रीवास्तव की तैनाती है, लेकिन यहां कंप्यूटर ही नहीं है।
अनुदेशक यहां दे रहे सेवा
जूनियर हाईस्कूल बर्राखेड़ा के कंप्यूटर शिक्षा अनुदेशक नितेश कुमार शाक्य व हरिहरपुर के विनय प्रताप तहसील अमृतपुर में एसडीएम कार्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल नगला हूसा के अमित कुमार सुमन व भुड़ियाभेड़ा के अजय कुमार एडीएम कार्यालय में ड्यूटी देकर बेसिक शिक्षा विभाग मानदेय ले रहे हैं।
तुषौर विद्यालय में शारीरिक शिक्षा अनुदेशक शैलेंद्र कुमार कनौजिया, विरसिंहपुर के विमलेश कुमार, भाऊपुर चौरासी के अजीत कुमार बीएसए कार्यालय का काम रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल में खेल शिक्षा के अनुदेशक बीआरसी राजेपुर से संबद्ध हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र जौहर ने बताया कि एक कंप्यूटर बीआरसी पर, जबकि अन्य कंप्यूटर एसडीएम व एडीएम कार्यालय में चलाए जा रहे हैं। उन्हें स्कूलों में फिर मंगवाने का प्रयास किया जाएगा। एडीएम व एसडीएम के आदेश पर ही अनुदेशकों को संबद्ध किया गया है।