फर्रुखाबाद। बिहार में अपनी धाक जमाने के बाद फर्रुखाबादी आलू ने छत्तीसगढ़ में पैठ बनानी शुरू कर दी है। 20 ट्रक आलू छत्तीसगढ़ मंडी के लिए रवाना किया गया।
सातनपुर आलू मंडी में बुधवार को करीब 200 मोटर की आवक रही। जानकारों की माने तो फर्रुखाबादी आलू को पछाड़ने के लिए पंजाब भी बिहार की मंडी में दस्तक दे रहा है। इस बार पंजाब का आलू छोड़कर फर्रुखाबादी आलू को पसंद किया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब बंगाल का आलू पूरी तरह से बाजार में आने में करीब 20 दिनों का समय लगेगा। इसकोे भंापते हुए व्यापारियों ने बिहार के साथ छत्तीसगढ़ की मंडी में अपने पैर जमाने शुरू कर दिए हैं। मंडी से बुधवार को करीब 20 ट्रक आलू छत्तीसगढ़ की मंडी के लिए रवाना हुआ।
व्यापारी नेता मोहन बागड़ी ने बताया कि इस बार छत्तीसगढ़ से मांग देर से आई है। पिछले वर्ष 15 दिसंबर से ही लोडिंग शुरू हो गई थी। इंडियन पोटैटो ग्रोवर एंड एक्सपोर्टर के सुधीर शुक्ला ने बताया कि बंगाल के केवल एक हिस्से से ही आलू बाजार में आया है। लेकिन गुणवत्ता और पैदावार में कमी के चलते इसको कम आंका जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुजरात का आलू फर्रुखाबाद की मंडी को नुकसान पहुुंचा सकता है लेकिन वहां का आलू बाजार में आने में अभी समय लगेगा।
बिहार के लिए आलू की दूसरी रैक तैयार
फर्रुखाबाद। पंचायत चुनाव के दौरान सातनपुर मंडी में आलू के भाव में मंदी के बाद अब किसानों की बांछे खिलने लगी हैं। बुधवार को व्यापारियों ने आलू के 50 हजार पैकेट से भरी रैक बिहार के लिए लोड करवा दी है। मंगलवार दोपहर को बिहार प्रांत के लिए रैक मिलने की सूचना पर आलू व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
व्यापारियों ने आनन फानन में रैक पर लोडिंग के लिए ट्रैक्टर ट्रालियों में आलू के पैकेट भरकर स्टेशन के लिए रवाना किए गए। बुधवार दोपहर तक रैक में आलू की लोडिंग का काम युद्ध स्तर पर चलता रहा। आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा ने बताया कि बिहार के लिए आलू की दूसरी रैक की लोडिंग पूरी करा दी गई है। गुरुवार सुबह तक रैक रवाना होगी। इससे आलू के भाव में सुर्खी आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि फर्रुखाबादी आलू की मांग देश के अन्य प्रांतों से भी हो रही है। केंद्र सरकार से और रैक की डिमांड की जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को आलू का भाव 431 से 481 रुपये क्विंटल रहा।