फर्रुखाबाद। दो डग्गामार वाहनों की भिड़ंत के बाद बुधवार को प्रशासन जागा तो आठ वाहन सीज कर 15 का चालान कर दिया। वहीं, बस को थाने ले जाने को लेकर एआरटीओ और दरोगा में नोकझोंक भी हो गई।
मऊ दरवाजा क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर पिकअप और प्राइवेट बस की भिड़ंत में महिला समेत पांच यात्रियों की मौत हो गई थी। बुधवार को डीएम सत्येंद्र कुमार ने अफसरों के साथ बैठक कर वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह, एआरएम संजीव यादव, एआरटीओ देवमणि भारती, कोतवाली पुलिस के साथ रोडवेज बस अड्डे पहुंचे।
टीम ने बस अड्डे के सामने स्थित पेट्रोल पंप पर प्राइवेट बसें खड़ी देख ड्राइवरों को खोजा तो वे सब नदारद थे। चालकों के न मिलने पर एक अन्य बस के ड्राइवर को बुलाकर एक बस थाने भिजवा दी गई। दूसरे बस को ले जाने को लेकर एआरटीओ और एसएसआई मेें नोकझोंक हो गई।
इस पर बस की देखभाल के लिए सिपाही को तैनात कर दिया गया। इसके बाद टीम लालगेट के पास पहुंची। यहां रोडवेज बस अड्डे के पास में प्राइवेट बस अड्डे के लोग दिल्ली और राजस्थान के लिए बस की बुकिंग कर रहे थे। टीम के सदस्यों ने इनको हटाने की जहमत तक नहीं की।
इसके बाद टीम ठंडी सड़क की ओर पहुंची। टीम के आने की सूचना पर वाहन चालकों ने अपने अपने रास्ते बदल दिए। हालांकि, टीम ने ठंडी सड़क पर दो डग्गामार जीपों को पकड़ कर चौकी भिजवाया। इस दौरान आठ वाहनों को सीज कर 15 वाहनों का चालान किया।