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डिप्रेशन में चली गई इमाम की बेटी

Wed, 23 Aug 2017 12:17 AM IST
farrukhabad
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तीन तलाक से पीड़ित हिजवी सैयदा के पिता इमाम शाहनूर अहमद। - फोटो : अमर उजाला
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव कला खेल निवासी जामा मस्जिद के इमाम शाहनूर अहमद की पुत्री हिजवी सैयदा भी तीन तलाक से पीड़ित है। दहेज में कार न मिलने पर पति ने जबरन गर्भपात कराकर पहने हुए कपड़ों में तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कह कर घर से निकाल दिया था। इससे वह डिप्रेशन में है।
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शाहनूर ने बताया कि उन्होंने बेटी हिजवी सैयदा का निकाह 5 मई 2015 को उन्नाव जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र फतेहपुर चौरासी के गांव खितरई निवासी मोहम्मद हसीन पुत्र नसरुल्ला के साथ किया था। अपनी सामर्थ्य से अधिक दहेज दिया था। ससुराली जनों ने निकाह के एक साल बाद 23 मई 2016 को दहेज में कार की मांग करते हुए उनकी पुत्री का उत्पीड़न किया।

कार न मिलने पर 12 जुलाई 2017 को पति ने उनकी पुत्री का जबरन गर्भपात कराया और  पहने हुए कपड़ों में तलाक,तलाक,तलाक कह कर घर से निकाल दिया। उन्होंने 26 जुलाई को ससुरालीजनों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि उनके पांच पुत्री व दो पुत्र हैं। हिजवी दूसरे नंबर की बेटी है। उसके तलाक होने के बाद वह अपने अन्य बच्चों के भविष्य के बारे में बेहतर ढंग से नहीं सोच पा रहे हैं। वहीं हिजवी तलाक के बाद डिप्रेशन में चली गई है।
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उसकी हालत को देखकर पूरा परिवार परेशान हैं। पिता ने बताया कि हिजवी के ठीक होने के बाद वह उसका दूसरा निकाह कराएंगे। इससे उसकी बाकी जिंदगी पटरी पर लौट सके। उन्होंने बताया कि हिजवी का निकाह लोगों के सहयोग से किया था। उनके पास आमदनी का कोई खास जरिया नहीं है। वह नगर की जामा मस्जिद में इमाम हैं। उनका बड़ा पुत्र गांव के मदरसे में पढ़ाता है। कानून से न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ने में आर्थिक संकट आड़े आ रहा है। हिजवी की देखभाल उनके माता पिता ही कर रहें हैं। मानसिक तौर परेशान रहने के कारण वह ठीक से बात तक नहीं कर पा रही है। जब उससे पूछा गया कि वह अपनी ससुराल जाना चाहती हैं तो कभी हां तो कभी न में उत्तर दिया।

फैसले को सही ठहराया
कायमगंज। इमाम शाहनूर ने तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही बताया। कहा कि इससे महिलाओं का उत्पीड़न बंद होगा और उन्हें सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह सरकार से अपील करते हैं कि तीन तलाक का अधिकार तो बाकी रहे। मगर तीन तलाक देने वालों को सरकार कड़ा कानून बनाकर कड़ी से कड़ी सजा दे।
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