फर्रुखाबाद। आईएमए के अध्यक्ष ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर 50 निजी अस्पतालों के नवीनीकरण के लिए पत्रावली सौंपी है। जनपद में 170 से अधिक निजी अस्पताल संचालित हैं।
जनपद में बाहरी डॉक्टरों के कागजों पर निजी अस्पताल का पंजीकरण कराकर झोलाछाप इलाज कर रहे हैं। कई बार शिकायत पर हुई जांच में पंजीकृत डॉक्टर मौके पर मिले ही नहीं। मरीजों की जान से खिलवाड़ कर झोलाछाप ऑपरेशन करने से भी नहीं चूकते। शुक्रवार को आईएमए के अध्यक्ष डॉ. बिपुल अग्रवाल, सचिव डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव कई अन्य डॉक्टरों के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आईएमए की ओर से पत्र सौंपकर 49 निजी अस्पतालों के पंजीकरण का नवीनीकरण कराने के लिए पत्रावली भी सौंपी।
जनपद में 170 से अधिक निजी अस्पताल संचालित हैं। अन्य निजी अस्पतालों की पत्रावली शामिल न करने के सवाल पर आईएमए सचिव डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि जो डॉक्टर जिले में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं और आईएमए के सदस्य हैं। उन्हीं अस्पतालों का नवीनीकरण कराने की सिफारिश की गई है। आईएमए में कुल 116 डॉक्टर सदस्य हैं। अन्य पंजीकृत अस्पतालों में डॉक्टर कहां से आए, इस सवाल को उन्होंने हंसकर टाल दिया।