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हाईकोर्ट के आदेश पर आश्रम व दुकान पर गरजा बुलडोजर

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सिविल लाइन मडैया में हटाया जा रहा अतिक्रमण। - फोटो : FARRUKHABAD
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हाईकोर्ट के आदेश से ढहाया अवैध निर्माण
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फर्रुखाबाद। हाईकोर्ट के आदेश पर सद्गुरु आश्रम व शिकायतकर्ता के घर के कब्जे वाले हिस्से को जेसीबी से गिरवा दिया गया। शिकायतकर्ता को मकान व दुकान से सामान निकालने का मौका भी नहीं दिया गया। निशान लगने के कुछ देर बाद कार्रवाई कर दी गई। इसको लेकर शिकायतकर्ता व उसके परिजनों की तहसीलदार सदर व लेखपालों से तीखी नोकझोंक हुई। कई बार काम बंद भी करवाया गया। भीड़ को पुलिस ने डंडा फटकार कर खदेड़ दिया।
फतेहगढ़ के मोहल्ला सिविल लाइन मड़ैया निवासी सुशील कुमार उर्फ गुड्डू दिवाकर व सद्गु आश्रम के संचालक गरुुरुचरनदास उर्फ केएन पांडेय का वर्ष 2013 से नाले की जमीन पर कब्जा करने को लेकर विवाद चला आ रहा है। आश्रम का पीछे का हिस्सा व सुशील के घर व दुकान का ढाई मीटर हिस्सा नाले के ऊपर बना था। सुशील ने कई बार प्रशासन से नाले पर बने आश्रम के अवैध कब्जे को ढहाने के लिए शिकायत की थी।
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कुछ वर्षों पहले नाले की जमीन की नाप की गई और आश्रम में पड़ी दूसरी जमीन को नाले की जमीन बताकर वहां से नाला निकालने के लिए छोड़ दिया। इस पर सुशील ने हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार व डीएम फर्रुखाबाद सहित कई अधिकारियों को पार्टी बनाकर याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने 21 जनवरी को नाले की जमीन से कब्जा हटवाकर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए। मुकदमे में 9 फरवरी की तारीख लगी है।
रविवार को तहसीलदार सदर राजू कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रविंद्र कुमार, चकबंदी अधिकारी नरेश चंद्र कनौजिया, सर्वे लेखपाल जगराम की कमेटी व अन्य लेखपाल तीन जेसीबी व फतेहगढ़ कोतवाल जय प्रकाश पाल के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले आश्रम के पिछले हिस्से की पैमाइश की गई। कब्जे वाले हिस्से पर चिह्न लगाने के बाद जेसीबी से यज्ञशाला व उसके पास की दीवार को गिरवा दिया गया। उसके तिरछी सीध में बनी गेट तक की चहारदीवारी को भी ढहाया गया। शिकायतकर्ता सुशील के मकान व दुकान की पैमाइश की गई।
वह भी ढाई मीटर नाले पर बना था। इस पर बिना समय दिए तहसीलदार ने दुकान पर जेसीबी चलवा दी। इससे पूरी दुकान गिरने लगी। यह देखकर सुशील कुमार व उसका भाई सुधीर कुमार, मां शारदा देवी तहसीलदार व लेखपाल से भिड़ गई। इन लोगों का कहना था कि ढाई मीटर कब्जे का भवन व दुकान गिरा दी जाए। ऐसे तो पूरा घर ही गिर जाएगा।
अगर कुछ समय दिया जाए तो वह खुद ही दुकान व मकान गिरा देंगे। इसको लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता के परिजनों को हटवाकर पीछे तक की दीवार व अतिक्रमण हटवाकर जमीन नाले के लिए कब्जा मुक्त करवा दी गई। इस दौरान मोहल्ले के लोगों की भीड़ लगने पर पुलिस ने डंडे फटकार कर खदेड़ दिया।
गुरुचरन दास डीएम से करते रहे बात
आश्रम के संचालक बाबा गुरुचरन दास उर्फ केएन पांडेय डीएम मानवेंद्र सिंह से जेसीबी आश्रम से हटवाने के लिए लगातार बात करते रहे। कई अन्य अधिकारियों से मोबाइल पर बात की लेकिन अतिक्रमण हटा दिया गया।
शिकायतकर्ता व प्रशासन के लोग बनाते रहे वीडियो
अवैध निर्माण को गिराए जाने के दौरान लेखपाल सहित कई कर्मचारी वीडियो बनाते रहे। शिकायतकर्ता भी वीडियो बनाकर हाईकोर्ट में पेश करने की बात कहकर अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी देता रहा।
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तहसीलदार का सीयूजी मोबाइल नाली में गिरा
शिकायतकर्ता के परिजनों से नोकझोंक के दौरान तहसीलदार सदर राजू कुमार का सीयूजी नंबर का मोबाइल नाली में गिर गया। इस पर दो लेखपालों ने नाली से जाल हटाकर लकड़ी की मदद से इसे बाहर निकाला। पानी जाने के कारण उनका मोबाइल बंद हो गया। उनका अधिकारियों से संपर्क टूट गया।
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