फर्रुखाबाद। अधीनस्थ न्यायालय से दहेज उत्पीड़न मुकदमे के दोषमुक्त किए गए आरोपियों को अपील में अपर जिला जज प्रथम ने दोषी करार दिया है। पति, सास और ससुर को दो साल की सजा सुनाई है। 45-45 सौ रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खड़ियाई निवासी गोपाल अवस्थी की पुत्री रेनू मिश्रा ने मोहल्ला सेनापति स्ट्रीट निवासी अशोक मिश्रा, गिरीश कुमारी, राहुल मिश्रा के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। इसमेें आरोप था कि 10 जून 2006 को राहुल के साथ शादी हुई थी।
शादी के बाद ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बाद में मारपीट कर घर से निकाल दिया। अधीनस्थ न्यायालय से 24 फरवरी 2014 को आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था।
अधीनस्थ न्यायालय के आदेश के खिलाफ पीड़िता ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की। अपर जिला जज ने आरोपी पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा और दो-दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की सजा सुनाई है।