फर्रुखाबाद। निलंबन से आहत एक टीजी-2 ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। पुलिस ने बयान दर्ज कर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज कराया। पीड़ित ने बताया कि जिस आरोप में निलंबन किया गया, उसकी रसीद सात महीने पहले ही विभाग में ऑनलाइन कट चुकी है। उसका पक्ष जाने बिना ही कार्रवाई की गई।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने शुक्रवार को विद्युत वितरण उपखंड प्रथम में तैनात टीजी-2 शिवम तिवारी को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश में कहा कि बढ़पुर अल्हानगर निवासी नीरज तिवारी पत्नी रोहित तिवारी से कनेक्शन संयोजन के लिए सात दिसंबर को रुपये लेने के बाद चेकिंग तिथि 31 जुलाई 2024 तक रसीद नहीं कटाई गई। लिहाजा प्रवर्तन दल ने मुकदमा दर्ज कराया।
निलंबन आदेश मिलने से टीजी-2 परेशान हो गया। उसने शुक्रवार देर रात विषाक्त पदार्थ निगल लिया। शिवम ने बताया कि निलंबन से पहले उसका पक्ष नहीं जाना गया। नीरज तिवारी से लिए 10,000 रुपये की ऑनलाइन रसीद उनके पति रोहित के नाम से सात दिसंबर 2023 को ही कटवा दी थी। रसीद उसी वक्त रोहित को दे दी थी। उनका निलंबन कराने में विभाग के ही कुछ जिम्मेदारों की साजिश है।
टीजी-2 गलत बोल रहा है। यदि विभाग से रसीद काटी गई है, जो उसकी जांच करवाएंगे। यह कुछ गलत था, तो उसको उनके पास आकर बताना चाहिए था। विषाक्त पदार्थ खाना गलत है। - अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता